टूट गया अभिमन्यू ईश्वरन के पिता के सब्र का बांध, बेटे का डेब्यू नहीं होने पर भड़के, IPL से चयन पर उठाए सवाल
India vs England: इंग्लैंड दौरे पर नए प्लेयर्स को खेलते हुए देखने का उत्साह सिर्फ फैन्स में ही नहीं बल्कि उन परिवारों में भी था, जिनका बेटा टीम इंडिया के साथ गया था। कुछ डेब्यू हुए लेकिन कई प्लेयर्स नहीं खेल पाए, उनमें से एक नाम अभिमन्यू ईश्वरन का भी है। ईश्वरन का डेब्यू नहीं होने पर उनके पिता का सब्र जवाब दे गया।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत करते हुए उनके पिता रंगनाथन ईश्वरन ने कई बातें कही। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि टीम में खेलने का पैमाना आईपीएल नहीं होना चाहिए। उनका कहना जायज था क्योंकि आईपीएल से आकर ही साई सुदर्शन डेब्यू कर गए, जबकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट के आंकड़ों में वह ईश्वरन के सामने कहीं नहीं टिकते हैं।

अभिमन्यू के पिता ने कहा कि अब दिनों की गिनती नहीं कर रहा हूं कि अभिमन्यू को टेस्ट डेब्यू का इंतज़ार करते हुए कितना वक्त हो गया, अब तो साल बीत चुके हैं। तीन साल हो गए हैं इस इंतज़ार को। एक खिलाड़ी का असली काम है रन बनाना, और अभिमन्यु ने ये बखूबी किया है। लोग कहते हैं कि पिछले ऑस्ट्रेलिया टूर पर उसने इंडिया ए के दो मैचों में कुछ खास नहीं किया, इसलिए टीम में नहीं चुना गया। मान लिया, वो फैसला सही रहा होगा। लेकिन सवाल ये है कि जब अभिमन्यु रन पर रन बना रहा था, तब करुण नायर टीम में नहीं थे?
उन्होंने कहा कि करुण को दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी तक में जगह नहीं मिली, फिर भी आगे जगह बन गई। वहीं अभिमन्यु ने पिछले एक साल में करीब 864 रन बनाए हैं। इतना बढ़िया प्रदर्शन करने के बावजूद अगर उसे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, तो सवाल उठना लाज़मी है।
आईपीएल वालों पर उठाया सवाल
29 वर्षीय खिलाड़ी के पिता ने कहा कि किस आधार पर तुलना हो रही, मुझे पता नहीं है। करुण नायर को मौका मिला, कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि उन्होंने 800 से ज्यादा रन बनाए हैं। चयनकर्ताओं ने उनके ऊपर भरोसा दिखाया। मेरा बेटा थोड़ा उदास है और यह स्वाभाविक है। जब कोई लगातार प्रदर्शन करे और नजरअंदाज हो, तो ऐसा महसूस होना लाजमी भी है। आजकल आईपीएल के आधार पर खिलाड़ियों को टेस्ट टीम में जगह मिल जाती है, जो सही नहीं है। चयन का पैमाना दलीप ट्रॉफी, रणजी और ईरानी ट्रॉफी होना चाहिए।
आंकड़े अभिमन्यू के पक्ष में हैं
ईश्वरन के पिता ने कुछ गलत भी नहीं कहा है। 23 साल के साई सुदर्शन को इंग्लैंड में तीन मैच मिले हैं, जबकि वह ईश्वरन के सामने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कुछ नहीं हैं। उन्होंने सिर्फ 38 गेम खेले हैं, जबकि ईश्वरन ने 100 से ज्यादा गेम खेलकर 7841 रन बनाए हैं। उनके नाम 27 शतक हैं। उनकी उम्र भी 29 हो गई है। इस वजह से एक पिता का भावुक होना लाजमी है क्योंकि ईश्वरन ने जमकर रन बनाए हैं लेकिन खेलने का मौका किसी आईपीएल वाले को मिला है।












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