वर्ना क्रिकेट में वो मजा नहीं रहेगा! अंधाधुंध खेल पर डिविलियर्स ने दी खिलाड़ियों को ये हिदायत
डिविलियर्स को लगता है कि खेल के लिए अपनी 'भूख' बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हो गया है की अंधाधुंध क्रिकेट के दौर में खिलाड़ी और बोर्ड दोनों बातचीत करने की जरूरत को समझें।

आज क्रिकेट के अंधाधुंध दौर में एक बहस छेड़ने का समय है कि कितना खेला जाए जिससे खिलाड़ियों और फैंस दोनों के दिलचस्पी इस खेल में बनी रहे। क्रिकेट में तीन फॉर्मेट होने से दिक्कतें और ज्यादा पेचीदा हुई हैं जिसके चलते अब वे मुकाबले बेतुके लगने लगे हैं जिस साल उनका वर्ल्ड कप नहीं होता। पिछले दो साल से हमने वनडे क्रिकेट के मरने की बात सुनी क्योंकि लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप के होने से सर्वाधिक महत्व फटाफट क्रिकेट को ही दिया गया। इस साल वनडे वर्ल्ड कप होने से टी20 मुकाबलों का महत्व खत्म कर दिया गया है जिसकी वजह से कोहली, रोहित जैसे सीनियरों को इनसे दूर रखा जा रहा है।
खुद क्रिकेटर भी तीनों फॉर्मेट में खेलने से हाथ खड़े करते जा रहे हैं। इस पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स व्यस्त कार्यक्रम के प्रति खिलाड़ियों की हर फॉर्मेट में खेलने के प्रति घटती भूख से चिंतित हैं। उन्हें लगता है कि बोर्ड और उनके खिलाड़ियों के बीच बेहतर कम्यूनिकेशन की जरूरत है ताकि विभिन्न प्रारूपों में वर्कलोड को मैनेज किया जा सके।
मिस्टर 360 डिग्री एबी डिविलियर्स को लगता है कि खिलाड़ियों और बोर्डों को अपने वर्कलोड को मैनेज करने के लिए ईमानदारी से बताने की आवश्यकता है कि वे किस फॉर्मेट को सबसे ज्यादा महत्व देना चाहते हैं। डिविलियर्स को लगता है कि खेल के लिए अपनी 'भूख' बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी हो गया है।
उन्होंने द हिंदु के हवाले से कहा, "मैं नहीं चाहता क्रिकेट के फॉर्मेट को कोई छोड़ दे। लेकिन इस समय ये एक वैश्विक क्रिकेट का मुद्दा है कि खिलाड़ियों को अपने देशों के लिए खेल के सभी प्रारूपों को खेलने के लिए प्रेरित किया जाए। लेकिन मैं मुझे लगता है कि खिलाड़ियों और बोर्डों के साथ बातचीत होनी चाहिए।"
डिविलियर्स ने कहा कि खिलाड़ियों के करियर की शुरुआत में ही ये चर्चा होनी चाहिए कि वे क्या हासिल करना चाहते हैं और इंटरनेशनल लेवल पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए वे अपने देश के क्रिकेट में कहां फिट बैठते हैं। एबी मानते हैं अगर उनका भी अपने बोर्ड के साथ बढ़िया कम्यूनिकेशन होता तो उनका करियर और लंबा हो सकता था। एबी घरेलू लीगों के प्रभाव की तारीफ भी करते हैं क्योंकि इसने डेवाल्ड ब्रेविस, सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों का खेल अगले लेवल तक पहुंचाने में मदद की।
Recommended Video

-
'मैंने 6 मर्दों के साथ', 62 साल की इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने खोलीं लव लाइफ की परतें, 2 शादियों में हुआ ऐसा हाल -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
Mojtaba Khamenei: जिंदा है मोजतबा खामेनेई! मौत के दावों के बीच ईरान ने जारी किया सीक्रेट VIDEO -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Mathura News: 'फरसा वाले बाबा' की हत्या से ब्रज में उबाल! दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, CM योगी ने लिया एक्शन -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट












Click it and Unblock the Notifications