10 भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने आजमाया राजनीति में हाथ, जानिए इनमें कितने यहां आकर हो गए फ्लॉप

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद क्रिकेटर अलग-अलग कामों में अपनी किस्मत आजमाते हैं। कुछ लोग कोचिंग में जाते हैं, तो कई क्रिकेटर कॉमेंट्री की दुनिया में आ जाते हैं। उनके अलावा कई खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं, जो राजनीति में अपना हाथ आजमाते हैं। उसमें सफलता और असफलता दोनों होते हैं। ऐसे ही कुछ भारतीय खिलाड़ियों के बारे में आज आपको बताएंगे, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा।

गौतम गंभीर- साल 2019 में वर्ल्ड कप विजेता गौतम गंभीर ने ईस्ट दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। उन्होंने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद गौतम गंभीर फिर से अपने क्रिकेटिंग कार्यों में व्यस्त हो गए और साल 2024 में टीम इंडिया के हेड कोच बन गए।

gautam gambhir and yusuf pathan

मनोज तिवारी- पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में मनोज तिवारी ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी। उन्होंने जीत दर्ज की और खेल मंत्री भी बन गए। हालांकि चुनाव जीतने के बाद भी वह खेल में सक्रिय रहे।

युसूफ पठान- तृणमूल कांग्रेस से ही एक और भारतीय क्रिकेटर युसूफ पठान ने चुनाव लड़ा। 2024 के लोकसभा चुनाव में युसूफ पठान ने पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी को इस चुनाव में पराजित किया था।

हरभजन सिंह- हालांकि हरभजन सिंह ने चुनाव नहीं लड़ा लेकिन उनको राज्यसभा जाने का मौका मिला। पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार ने हरभजन सिंह को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार होने के कारण भज्जी को राज्यसभा सीट मिलने में कोई दिक्कत नहीं हुई।

एस श्रीसंत- केरल से आने वाले श्रीसंत ने भी राजनीति में अपना हाथ आजमाया था। उनको बीजेपी ने 2015 के विधानसभा चुनाव में तिरुवनन्तपुरम सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि श्रीसंत का सिक्का नहीं चल पाया और वह इस चुनाव में हार गए।

मोहम्मद अजहरुद्दीन- भारतीय टीम के इस पूर्व कप्तान ने साल 2009 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। साल 2014 में अजहर को हार मिली, इस बार वह राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर से मैदान में थे। इसके बाद उनको हैदराबाद के जुबली हिल्स से विधानसभा चुनाव में मौका मिला लेकिन वहां भी हार का सामना करना पड़ा।

नवजोत सिद्धू- भारतीय टीम के इस तूफानी खिलाड़ी ने 2004 में बीजेपी का दामन थामा था अमृतसर से उनको एमपी बनने का मौका भी मिला। इसके बाद जब बीजेपी ने उनको टिकट नहीं दिया तो कांग्रेस के पाले में चले गए। वहां भी उनकी अनबन हुई तो राजनीति छोड़ वापस कॉमेंट्री की दुनिया में आ गए।

कीर्ति आजाद- क्रिकेटरों में सबसे सफल राजनेता बनकर कोई आया है, तो वह कीर्ति आजाद हैं। उन्होंने बीजेपी से 1999 में दिल्ली के गोल मार्केट से विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद बिहार के दरभंगा से उनको दो बार एमपी बनने का मौका मिला। इसके बाद बीजेपी छोड़ वह तृणमूल कांग्रेस में चले गए और 2024 के लोकसभा चुनाव में वर्धमान-दुर्गापुर सीट से चुनाव जीत गए।

चेतन चौहान- 1983 में वर्ल्ड को विजेता टीम के सदस्य चेतन चौहान मरते दम तक बीजेपी के साथ रहे। उनको उत्तर प्रदेश में एमपी, एमएलए और खेल मंत्री बनने का मौका मिला। साल 2020 में चेतन चौहान का निधन हो गया।

मोहम्मद कैफ- भारतीय टीम के धाकड़ फील्डर रहे मोहम्मद कैफ ने भी राजनीति में हाथ आजमाया और कांग्रेस के टिकट पर 2014 में फूलपुर सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि उनको सफलता नहीं मिली और वह चुनाव हार गए। बाद में कैफ ने वापस क्रिकेटिंग गतिविधियों का रुख कर लिया।

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