Siddharthnagar: खतरे के निशान से नीचे आई राप्ती,अन्य नदियों का घटा जलस्तर

सिद्धार्थनगर में ताड़व मचाने के बाद राप्ती सहित कई नदियाें का जलस्तर कम हो गया है। राप्ती खतरे के निशान से नीचे आ गई है।लेकिन इसके साथ ही कई समस्याएं बढ़ गयी हैं।

Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर में ताड़व मचाने के बाद राप्ती सहित कई नदियाें का जलस्तर कम हो गया है। राप्ती खतरे के निशान से नीचे आ गई है।लेकिन इसके साथ ही कई समस्याएं बढ़ गयी हैं। दस दिनों से ज्यादा दिनों तक राप्ती खतरे के निशान से ऊपर रही। जिले में बाढ़ प्रभावित 580 गांवों में 387 गांव मैरुंड हैं। इससे आमजन को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। राप्ती नदी खतरे के निशान 84.900 मीटर से नीचे 84.630 मीटर पर आ गई। वहीं बूढ़ी राप्ती भी शनिवार शाम को लाल निशान 85.650 मीटर से नीचे 85.590 मीटर पर पहुंच गई। जबकि कूड़ा, बानगंगा, घोघी, तेलार और जमुआर नदियां पहले ही खतरेे के निशान से नीचे आ चुकी हैं। बाढ़ से प्रभावित नौगढ़ तहसील के 93 गांवों में 68 गांव मैरूंड रहे। बांसी के बाढ़ प्रभावित 155 गांवों में 82 गांव मैरूंड रहे।

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डुमरियागंज के 144 बाढ़ प्रभावित गांवों में 90 गांव मैरूंड, इटवा के 103 बाढ़ प्रभावित गांवों में 62 गांव मैरूंड और शोहरतगढ़ के सभी 85 बाढ़ प्रभावित गांवों को मैरूंड घोषित किया गया है। इन गांवों की 4.50 लाख की आबादी और 58,857 हेक्टेयर क्षेत्रफल बाढ़ प्रभावित रहा। इस क्षेत्र में जलमग्न होने से फसल सड़कर नष्ट हो चुकी है।

बाढ़ के कहर में सिद्धार्थनगर जिले में कुल 19 मौतें हो चुकी हैं। इनमें नौगढ़ तहसील में छह, बांसी में पांच, डुमरियागंज में पांच, इटवा में तीन मौतें शामिल हैं।

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