कोरोना संक्रमित पति का नहीं छोड़ा साथ, आइसोलेशन वार्ड में 16 दिनों तक की उनकी सेवा

कोरोना संक्रमित पति का नहीं छोड़ा साथ, आइसोलेशन वार्ड में 16 दिनों तक की उनकी सेवा

शाहजहांपुर, मई 28: सत्यवान और सावित्री की कहानी तो आपने सुनी ही होगा, जिसमें सावित्री अपने पति के प्राण यमराज से भी वापस ले आई थी। तो वहीं, आज कोरोना संक्रमण के बीच हम आपको प्यार की ऐसी ही एक कहानी के बारे में बताने जा रहे है, जिसे सुनकर आप भी भावुक हो जाएंगे। जी हां ये कहानी है 65 वर्षीय श्याम प्रकाश त्रिपाठी और उनकी पत्नी 58 वर्षीय मीना त्रिपाठी की। दरअसल, श्याम प्रकाश त्रिपाठी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा पूरा करने के लिए मीना ने अपने बीमार पति को एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ा और उनकी सेवा करती रही। 16 दिनों की सेवा के बाद श्याम प्रकाश त्रिपाठी ने कोरोना से जंग जीत ली और अपने घर वापस आ गए।

Wife Meena Tripathi did not leave Shyam Prakash Tripathi, serving in Corona ward

श्याम प्रकाश की 9 मई को आई थी कोरोना पॉजिविट की रिपोर्ट
65 वर्षीय श्याम प्रकाश त्रिपाठी एडवोकेट है और अपनी पत्नी मीना त्रिपाठी के साथ शाहजहांपुर जिले के थाना सदर बाजार क्षेत्र रहते हैं। श्याम प्रकाश डायबिटीज और हार्ट पेशेंट हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सात मई से पहले उन्हें हल्के बुखार और खांसी की शिकायत हुई। जिसके बाद उनका कोरोना टेस्ट करवाया गया, जिसमें वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए। नौ मई को मीना त्रिपाठी अपने पति को लेकर ओसीएफ कोविड अस्पताल में भर्ती कराने के लिए पहुंची। डाक्टरों ने मरीज को अंदर भेज दिया और पत्नी को बाहर रोक लिया।

मीना त्रिपाठी के आगे स्वास्थ्य विभाग को भी झुकना पड़ा
स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें वापस जाने को कहा लेकिन बुजुर्ग पत्नी मीना त्रिपाठी किसी भी कीमत पर अपने पति को अकेला छोड़ना नहीं चाहती थी। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें भी संक्रमित हो जाने की हिदायत दी, लेकिन उनके शब्द सुनकर स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जवाब नहीं था। उनकी 58 वर्षीय मीना त्रिपाठी का कहना था कि उन्होंने अपने पति के साथ पूरी जिंदगी जी ली है। अब वह अपने पति के साथ ही जीना मरना चाहती हैं। ऐसे में मानवीय आधार पर पत्नी के लिखित निवेदन के बाद ही उन्हें आइसोलेशन वार्ड में अपने पति के साथ रहने की इजाजत दी गई।

आइसोलेशन वार्ड में रहकर 16 दिनों तक की पति की सेवा
आइसोलेशन वार्ड में रहकर मीना त्रिपाठी ने 16 दिन तक अपने पति की सेवा की। पति-पत्नी के प्यार और इलाज के बदौलत श्याम प्रकाश त्रिपाठी ने कोरोना से जंग जीत ली और अपने घर वापस आ गए। खास बात यह रही कि उनकी पत्नी मीना त्रिपाठी की भी जब जांच की गई तो उनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आई। ओसीएफ अस्पताल के स्टाफ का भी दंपती ने शुक्रिया अदा किया है। श्याम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि वह कोविड अस्पताल के अंदर चले गए थे लेकिन बाद में जब पत्नी को देखा तो हिम्मत बढ़ गई। पत्नी का बहुत बड़ा सहारा था।

करीब 40 साल पहले हुई थी शादी
मीना त्रिपाठी बताती है कि उनकी शादी 9 फरवरी 1981 में हुई थी जिसके बाद से उन्होंने एक पल के लिए भी अपने पति को अकेला नहीं छोड़ा। वह अपने पति के साथ जिंदगी के हर पल उनके साथ खड़ी रही। पति हार्ट पेशेंट है ऐसे में कोरोना से जंग जीतकर वापस लौटने के बाद पति पत्नी दोनों बेहद खुश हैं।

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