Shahjahanpur Jail Education: किसी ने नहीं सोचा था, जेल में बंद ये कैदी यूपी बोर्ड में करेंगे ऐसा कमाल!
Shahjahanpur Jail Education: शाहजहांपुर की जेल में इस बार यूपी बोर्ड का रिजल्ट कुछ अलग ही कहानी कह रहा है। जेल की दीवारों में कैद बंदियों ने सिर्फ सजा नहीं काटी, बल्कि किताबों को अपना साथी बनाकर सफलता की इबारत लिखी। शुक्रवार को घोषित हुए यूपी बोर्ड 2025 के परिणाम में कई बंदियों ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है।
इन बंदियों की मेहनत और लगन ने साबित कर दिया कि अगर मन में सीखने का जज़्बा हो, तो कोई दीवार रोक नहीं सकती। कुछ बंदियों ने प्रथम श्रेणी में सफलता पाई है, जिससे न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि जेल प्रशासन भी गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

इस प्रेरणादायक उपलब्धि से जेल का माहौल भी बदला-बदला नजर आ रहा है। बंदियों की सफलता जेल के उस सकारात्मक परिवर्तन का परिणाम है, जो सुधार की दिशा में लगातार किया जा रहा है।
तीन बंदियों ने पाई प्रथम श्रेणी, एक ने इंटर पास किया
शाहजहांपुर जिला जेल में बंद दानिश खान ने हाई स्कूल परीक्षा में 74% अंक हासिल किए। वहीं दलबीर ने 71% और धर्मेंद्र ने 67% अंक के साथ प्रथम श्रेणी में सफलता पाई। इंटरमीडिएट की परीक्षा में अजीत सिंह ने 45% से अधिक अंक अर्जित कर सफलता प्राप्त की है।
जेल प्रशासन ने बताया कि तीन अन्य बंदियों ने भी परीक्षा के लिए आवेदन किया था, लेकिन परीक्षा से पूर्व ही वे जेल से रिहा हो चुके थे। इसके बावजूद उन्होंने भी परीक्षा में भाग लिया और सफलता प्राप्त की।
शिक्षा के जरिए सुधार की दिशा में बड़ा कदम
शाहजहांपुर जेल में शिक्षा को एक मजबूत माध्यम के रूप में अपनाया गया है। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल के नेतृत्व में सुधार की दिशा में कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं, जिनका परिणाम आज सामने है।
बंदियों को पढ़ाई के लिए किताबें, अध्ययन सामग्री और अध्यापकों की व्यवस्था कराई जाती है। उन्हें कक्षा 5वीं, 8वीं, हाई स्कूल, इंटर और उच्च शिक्षा के लिए लगातार प्रेरित किया जाता है।
ओपन यूनिवर्सिटी के जरिए मिल रही उच्च शिक्षा
बंदियों को इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है। इसके अतिरिक्त जेल प्रशासन एनआईओएस केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है ताकि बंदी सीबीएसई जैसी मान्यता प्राप्त परीक्षा भी पास कर सकें।
इस तरह शिक्षा के माध्यम से जेल में बंद लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। शिक्षा के अलावा शाहजहांपुर जेल में बंदियों को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसमें कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिलाई, बेकरी, राजमिस्त्री, जरदोजी और नर्सरी जैसे काम शामिल हैं।












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