यूपी: पुलिस कस्टडी में ऑटो चालक की मौत, आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर किया पथराव
Shahjahanpur News (शाहजहांपुर)। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पिटाई से पुलिस कस्टडी में एक युवक मौत हो गई। पुलिस कस्टडी में युवक की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे-24 पर शव रखकर जाम लगा दिया। आक्रोशित लोगों पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वहीं, आक्रोशित लोगों ने रोडबेज बस में जमकर तोड़फोड़ भी की और पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ को रोकने के पुलिस को हल्का बल का प्रयोग करना पड़ा। मामले को देखते हुए मौके पर पीएसी समेत भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।

पुलिस ने मांगे पैसे
जानकारी के अनुसार, मामला शाहजहांपुर के चौक कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाईवे-24 के मोज्जमपुर गांव का है। गांव निवासी बालेश्वर (45) ऑटो रिक्शा चलाते है। बालेश्वर 6 बेटियां और 1 बेटा है। बालेश्वर मंगलवार सुबह ऑटो लेकर घर से निकले था। तभी उसने ऑटो अजीजगंज चौकी के पास रोका। परिजनों का आरोप है कि तभी चौकी के तीन सिपाही आ गए, जिसमें हैदर अली, विनित समेत तीन सिपाहियों ने बालेश्वर से पैसे मांगे। जिस पर उसने पैसे देने से इंकार दिया।

पुलिस कस्टडी में रखकर की पिटाई
बालेश्वर ने कहा की नया ऑटो रिक्शा खरीदा है कागज पूरे है। इसलिए मैं पैसे नहीं दूंगा। जिसके बाद सिपाहियों ने बालेश्वर को पकड़ लिया और उसे खींचते हुए चौकी ले गए। जहां उसकी जमकर पिटाई की। हालत बिगड़ने पर बालेश्वर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों को खबर लगते ही अस्पताल पहुंचकर शव को नेशनल हाईवे-24 पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने नेशनल हाईवे करीब 3 बजे जाम किया। जाम लगने से करीब तीन किलोमीटर दूर तक वाहन फस गए और यात्री बेहाल हो गए।

आक्रोशित लोगों ने शव सड़क पर रखकर लगाया जाम
पुलिस कस्टडी में बालेश्वर की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंच गया। आक्रोशित लोगों को पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। लोगों ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मुआवजे के ऐलान तक जाम खोलने से इंकार कर दिया।

पुलिस ने शव लेने की कोशिश
हंगामा देखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश करने लगी, जिसपर ग्रामीण उग्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने रोडवेज की बस और एंबुलेंस में जमकर तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने भी लाठी चार्ज कर दी। लेकिन पुलिस शव को अपने कब्जे में नहीं ले सकी। इसी बीच पूर्व मंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा भी मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने उनकी भी बात नहीं मानी।

प्रशासन ने लिखित में दिया आश्वासन
प्रशासन ने गुस्साए लोगों को लिखित में आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। जिसके बाद जाम खोला जा सका। वहीं, एसडीएम रामजी मिश्रा ने बताया कि परिजन लिखित आश्वासन के बाद मानें है। जाम खुलवा दिया गया है। परिजनों के आरोपों की जांच कराई जाएगी। फिलहाल तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है।












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