MP: सिवनी में नाबालिगों के क्रूरता से रंगे हाथ, पेशेवर अपराधियों को फेल करती किशोर के कत्ल की कहानी
कोई मासूम हाथ क्या इतने क्रूर हो सकते है कि अपनी हम उम्र के दोस्त की हत्या कर दें? वारदात का तरीका भी ऐसा कि जैसे पेशेवर बड़े अपराधी तक सोच में पड़ जाए। रोंगटे खड़े कर देने हत्या की ये कहानी एमपी के सिवनी में सामने आई।

MP brutality of minors in Seoni: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में नाबालिग बच्चों के बीच रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई। साइकिल की चैन से तीन नाबालिग बच्चों ने एक किशोर का पहले गला घोंटा दिया। फिर बकरा काटने के चाक़ू से उसका गला काटकर शव पॉलिथीन बैग में भरकर फेंक दिया।
बच्चों के बीच क्रूरता भरी यह घटना सिवनी के मगरकठा गांव में सामने आई। गिट्टी के ढेर पर खून से सना पॉलिथीन बैग जब गांव की महिला ने देखा तो हड़कंप मच गया। इस सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची और बैग खोला गया तो उसमें गांव के ही एक किशोर का शव था।
मृतक की शिनाख्त 12 साल के दीपांशु उर्फ दीपू भारद्वाज के रूप में हुई। रहस्य बनी दीपू की हत्या के बारे में पता लगाने जब तफ्तीश शुरू हुई तो पता चला कि वह गांव में रहने वाले नाबालिग दो सगे भाइयों के साथ खेला करता था।
घटना के वक्त दोनों सगे भाई घर से गायब थे। बाद में जब पुलिस हत्थे चढ़े तो वारदात का राज और तरीका खुल गया। बरघाट थाना प्रभारी प्रसन्ना शर्मा ने बताया कि आरोपी भाइयों ने अपने अन्य एक साथी के साथ मिलकर जघन्य वारदात को अंजाम दिया था। मृतक और तीनों आरोपी नाबालिग ही हैं।
पुलिस ने बताया कि दीपू को मौत के घाट उतारने के लिए आरोपियों ने दीपू का गला घोंटा तो वह तड़पने लगा। तभी सिर पर पत्थर भी पटका। दीपू किसी भी हाल में जिंदा न बच सके, इसके लिए फिर बकरा काटने में इस्तेमाल होने वाले धारदार चाकू से उसका गला काट दिया था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उन्हें किशोर न्यायलय में पेश किया और आगे की कार्रवाई की जा रही हैं। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी सगे भाइयों में एक भाई मृतक की बहन से बातचीत करता था। यह मृतक को यह पसंद नहीं था और वह अक्सर विरोध करता था।
वहीं पढ़ने-लिखने की उम्र में ऐसे किशोरों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति की कहानी को जो भी सुन रहा है, वह हैरान है। मनोचिकित्सक डॉ. अवंतिका श्रीवास्तव बताती है कि आजकल पबजी और दूसरे तरह के मोबाइल पर गेम-वीडियो छोटे बच्चों में दुष्प्रभाव डाल रहे है। ये वारदात सडन एक्शन की घटना से जुड़ती है। पहले से दिमाग में अपनी हम उम्र के साथी को मारने की बात फिर वह किसी हाल में जिंदा न बचे, इसके लिए सिर पर पत्थर पटकना और चाकू से गला काटा गया। यह मेंटल स्थिति बड़े लोगों के ज्यादा आजकल छोटे बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है।












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