Ground Report: भगवान भरोसे सतना के पशु चिकित्सालय, कई केंद्रों पर लटके मिले ताले; मुश्किल में 'बेजुबान'
Satna News: मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए पशुपालन को बढ़ावा दे रही है तो दूसरी तरफ सतना और मैहर जिले में बीमार पशुओं के लिए चिकित्सा व्यवस्था बद से बदतर स्थिति में चली गयी है। पशु स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे चल रहे हैं। वन इंडिया हिंदी की टीम ने जिले के पशु चिकित्सा केंद्रों का शनिवार को दौरा किया है।
जिले कि ज्यादातर पशु चिकित्सा केंद्रों पर ताला लटकता रहता है। जबकि जिले में अत्याधुनिक बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय है जहां चूहे से लेकर हाथी तक के इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं हैं और कृत्रिम गर्भाधान की भी व्यवस्था है। इसके बावजूद पशुओं के टीकाकरण के लिए पशुपालक को भटकना पड़ रहा है।

जिले के कोटर स्थित पशु चिकित्सालय में क्षेत्रवासियों को लाभ नहीं मिल रहा है। यहां पर अक्सर ताला लटकता रहता है। पशुपालक राजकिशोर सिंह, अमर बहादुर गुप्ता आदि ने बताया कि इलाज और टीकाकरण के लिए भटकना पड़ता है।
पशुपालक महेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कोटर और आसपास कई पशु चिकित्सालय हैं। जिनमें आए दिन ताला लगा रहता है। कभी कभार अगर ताला खुल जाता है तो डॉक्टर नहीं मिलते। मवेशीओ के बीमार होने पर निजी डॉक्टर से इलाज करना पड़ता है। नाम मात्र के लिए पशु चिकित्सालय खुलते हैं। पशुपालकों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
माधवगढ़ पशु चिकित्सालय असामाजिक तत्वों का अड्डा बना हुआ है। अस्पताल में तमाम नुकसान होने के बाद भी जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं। बताया जाता है कि अस्पताल में लगे कांच, लाइटें, तोड़ दी गयी है। कई बार पुलिस को भी सूचना दी गयी, पर पुलिस ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे यहां आने वाले लोग भी भयभीत रहते हैं।

उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ प्रमोद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया सतना और मैहर जिले में कुल 28 पशु अस्पताल है। इनमें से पशु उप औषधालय 61 है।उपकेंद्र 25 है। कृत्रिम गर्भाधान केंद्र दो है। वहीं इन सभी अस्पतालों को मिलाकर 28 चिकित्सक है इनमें से 23 कार्यरत है। पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकार 145 पद है 55 पशुपालन पदाधिकारी कार्यरत है।












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