MP News: डिप्टी सीएम ने किया एसडीजी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ,देशभर की 14 प्रमुख संस्थाएं लेंगी हिस्सा
Satna News: संयुक्त राष्ट्र के धारणीय विकास के लक्ष्यों को पाने के लिए चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा 22 से 24 नवंबर 2024 तक चौथे अंतर्राष्ट्रीय सतत् विकास के लक्ष्य (एसडीजी) सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।
इस सेमिनार में एसडीजी 5 - लैंगिक समानता और एसडीजी 7 - नवकरणीय ऊर्जा तथा ग्रामोदय से सर्वोदय के लक्ष्य की प्राप्ति में परिवार एक महत्वपूर्ण आधार है पर विमर्श किया जाएगा।

एसडीजी-5 के अन्तर्गत महिला समानता प्राप्त करना तथा सभी महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाना तथा एसडीजी -7 के अन्तर्गत स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा तक पहुँच सुनिश्चित करना है।
सेमिनार के उद्घाटन अवसर पर दीनदयाल शोध संस्थान के कोषाध्यक्ष एवं सेमिनार के संयोजक वसन्त पंडित ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार वैश्विक संपर्क बनाने और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को गति देने के प्रयास को जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में देश भर से 14 प्रमुख संस्थान सहभागी बने हैं।
उद्घाटन सत्र का संचालन करते हुए अभिताभ वशिष्ठ महाप्रबंधक दीनदयाल शोध संस्थान ने कहा कि सामाजिक क्षेत्र के सतत् विकास लक्ष्यों को कवर करने के लिए सम्मेलन के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, इसके तकनीकी सत्रों में सतत् विकास लक्ष्यों SDG-5 (लैंगिक समानता) और SDG-7 (सतत ऊर्जा) के संबंध में प्रगति में तेजी लाने के लिए अनिवार्यताओं पर चर्चा की जाएगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव द्वारा वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यक्रम में पधारे देश विदेश के सभी विद्युत जनों का अभिनन्दन करते हुए सेमिनार की सफलता के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित की।
उद्घाटन सत्र में सतना सांसद गणेश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख ने दीनदयाल शोध संस्थान के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ग्रामीण विकास का जो मॉडल प्रस्तुत किया वह आज अनुकरणीय है जो ग्रामीणजनों को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बना रहा है।
डॉ लोकेश शर्मा ने पॉवर पॉइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से एसडीजी 5 के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन द्वारा लैंगिक समानता, एवम एसडीजी -7 स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा तक सभी की पहुँच सुनिश्चित करने हेतु पिछले 2 दशकों में उठाये गए ठोस कदमों एवं उससे प्राप्त हो रहे सकारात्मक परिणामों पर विस्तृत चर्चा की।
मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश तेजी के साथ विकास पथ पर अग्रसर है। आजादी की 100वीं वर्षगाँठ पर हम विश्व की पहली अर्थव्यवस्था बन जायेंगे और सम्पूर्ण विश्व का नेतृत्व करेंगें। अपनी संस्कृति एवं सभ्यता का संरक्षण एवं सम्वर्द्धन करना अति आवश्यक है तभी विकास हमारे लिए वरदान बनेगा। लैंगिक समानता के बगैर उन्नति का मार्ग नही निकलता जहाँ चाह वहाँ राह, मजबूत इच्छाशक्ति से ही विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
हम सभी का सामूहिक प्रयास देश को विश्व गुरु बनाने में सहभागी होगा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा तक पहुँच सुनिश्चित कराने हेतु किये जा रहे कार्यों का विस्तृत रोडमैप की जानकारी प्रदान की गई, 2030 तक ऊर्जा के कुल उपयोग के 50 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में सकारात्मक प्रयत्न किया जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications