MP News: हाथियों की मौत से जुड़े जहरीले कोदो बाजरा खाने से मैहर का एक परिवार बीमार पड़ गया
Maihar News: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में संक्रमित कोदो खाने के बाद एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीयत बिगड़ गई है। हालात इतनी खराब हुई कि उन्हे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पांच लोगों को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत बताई थी। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति बेहतर बताई है। यह घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में फंगस से संक्रमित कोदो खाने के कारण 10 हाथियों की मौत के बमुश्किल दो महीने बाद हुई है।

मरीजों में रामचंद्र दहिया और राजकुमारी दहिया, दोनों की उम्र लगभग (50) वर्ष है। इन दोनों लोगों के अलावा उनके बेटे अंकुर दहिया (06) वर्ष , कृष्णा दहिया (10 वर्ष) और जमुना दहिया (13 वर्ष) को मंगलवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मैहर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे ओईला गांव के निवासी हैं।
पीड़ित ज्ञानी प्रसाद दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कल रात में कोदो की रोटी खाने से मम्मी पापा भाई बहन समेत पांच लोगों की तबीयत खराब हो गई थी। एंबुलेंस के मदद से सिविल अस्पताल मैहर में भर्ती हुए थे जहां इलाज चल रहा है।
सिविल अस्पताल मैहर के डॉ सुदीप अवधिया डॉक्टर ने बताया कि कल चार-पांच लोगों का पॉइजनिंग का मामला आया था। गंभीर होने की वजह से सभी को भर्ती कर लिया गया था। दो बुजुर्ग थे बाकी सभी बच्चे हैं।डॉक्टरों ने उनकी स्थिति बेहतर बताई है।
कोदो खाने से नही होती बीमारी
मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एल के तिवारी ने बताया कि कोदो ,कुटकी एवम अन्य मोटे अनाज स्वास्थ्य के लिए हितकर होते है। श्री अन्न के रूप मे इनका सेवन प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। कोदो और कोदई एक पौष्टिक आहार है जिसके खाने से कोई भी बीमारी नहीं होती।
सोशल मीडिया में चल रही कोदो खाने से बीमार होने संबंधी जानकारियां भ्रामक है। मैहर के अस्पताल में भर्ती मरीज कोदई के कारण नहीं बल्कि सामान्य शीतकालीन बीमारी से भरती हुए है। अभी सभी की हालत ठीक है।
बता दें कि एमपी सरकार द्वारा एक तरफ मोटे अनाज कोदो को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर कोदो की रोटी खाने से परिवार की तबियत बिगड़ने से अब लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है।
अक्टूबर के अंत और नवंबर की शुरुआत में बीटीआर में लगातार 10 हाथियों की मौत हो गई थी। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान की प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट में पाया गया कि हाथियों के नमूनों में विषाक्त पदार्थ पाए गए थे, जो संकेत देते हैं कि उन्होंने बड़ी मात्रा में कोदो बाजरा खाया था, जो एक फंगस से संक्रमित था। तब से सरकारी विभाग फंगल संक्रमण के प्रसार की सीमा का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। मामले को लेकर जांच की जा रही है।












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