Sambhal News: संभल की शाही जामा मस्जिद हिंसा मामले में 50 आरोपियों पर तय हुए आरोप, कोर्ट में सुनवाई शुरू
Sambhal news latest: संभल में बीते साल नवंबर में भड़की हिंसा के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अदालत ने इस विवाद से जुड़े 50 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इसके साथ ही अब मामले की सुनवाई यानी ट्रायल की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
गुरुवार को विशेष एससी/एसटी एक्ट कोर्ट ने सभी आरोपियों द्वारा दाखिल की गई आरोपमुक्ति याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि विवेचना के दौरान आरोपियों की भूमिका की पुष्टि हुई है और पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं, जिससे ट्रायल रोका नहीं जा सकता।

यह मामला 24 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान शुरू हुए विवाद के बाद उपजे तनाव और हिंसा से जुड़ा है। उस दिन धार्मिक स्थल को लेकर भड़की अफवाहों ने इलाके में माहौल को उग्र बना दिया था। पुलिस ने हालात काबू में लाने के लिए बल प्रयोग किया और दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में कई आरोपियों की ओर से कोर्ट में यह अपील की गई थी कि उन्हें मामले से बाहर किया जाए क्योंकि वे घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे। चार से पांच वकीलों ने मिलकर आरोपमुक्त करने के लिए बहस की, लेकिन अभियोजन पक्ष ने तर्कों के साथ इनका विरोध किया।
सरकारी अधिवक्ता हरीश सैनी ने कोर्ट को बताया कि सभी आरोपियों की पहचान वीडियो फुटेज, फोटो और अन्य तकनीकी सबूतों के माध्यम से की गई है। साथ ही पुलिस जांच में उनके नाम सामने आए हैं, इसलिए उन्हें ट्रायल से छूट नहीं दी जा सकती।
पुलिस ने अब तक 80 से अधिक लोगों को भेजा जेल
हिंसा के बाद से अब तक पुलिस इस मामले में 80 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोगों की जमानत अर्जी कोर्ट द्वारा लगातार खारिज की जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और सबूत मजबूत हैं।
अब तक जितनी भी जमानत अर्जियां पेश की गई हैं, अदालत ने उन्हें नकार दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों की अनदेखी नहीं की जा सकती और कानून व्यवस्था से समझौता किसी भी रूप में मंजूर नहीं है।
आरोपियों के खिलाफ पुख्ता प्रमाण मौजूद
कोर्ट ने सभी 50 आरोपियों पर अभियोजन द्वारा दाखिल किए गए आरोपपत्रों पर विचार करते हुए आरोप तय कर दिए हैं। अदालत का कहना है कि अब ट्रायल के दौरान ही यह साफ होगा कि आरोपियों की भूमिका कितनी गंभीर थी।
इसके बाद न्यायालय में अभियोजन पक्ष अपनी ओर से गवाहों और साक्ष्यों को पेश करेगा। इन्हीं सबूतों के आधार पर अंततः अदालत अंतिम निर्णय तक पहुंचेगी।
कोर्ट के आदेश के बाद अब ट्रायल की दिशा में तेजी आई है। अभियोजन पक्ष की तैयारी मुकम्मल मानी जा रही है और अब जल्द ही गवाहों की सूची अदालत में पेश की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications