सलाखों के पीछे पहुंचे रिश्वतखोर पटवारी और एपीओ, लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा था
लोकायुक्त में रंगे हाथ गिरफ्तार होने वाले सागर जिले के बीना में पदस्थ पटवारी विवेक जैन व दमोह के सहायक पेंशन अधिकारी मुकेश जैन को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। दोनों को 4-4 साल की सजा सुनाई गई है।

मध्य प्रदेश के सागर जिले में पदस्थ पटवारी विवेक जैन ने जमीन प्लाट के नामांतरण करने के बदले में एक वकील से रिश्वत मांगी थी...इसी प्रकार दमोह जिले में पदस्थ सहायक पेंशन अधिकारी मुकेश जैन ने रिटायर्ड कर्मचारी से रिश्वत मांगी थी। दोनों लोकायुक्त के हाथों ट्रेप हुए थे। विशेष कोर्ट ने इन्हें 4-4 साल की सजा सुनाई है।
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लोकायुक्त संगठन से मिली जानकारी अनुसार विशेष न्यायाधी श भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट सागर ने बीना तहसील में पदस्थ पटवारी विवेक जैन को 4 साल की कैद की सजा सुनाई है। उन्हें दो अलग-अलग धाराओं में 4-4 साल की सजा हुई है। पटवारी को जेल भेज दिया गया है। उसने वकली रतिराम पटेल से नामांतरण के लिए रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त ने उसे 3500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।
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लंबित बिलों के भुगतान के लिए 7 हजार रिश्वत मांगी थी
लोकायुक्त कोर्ट में प्रस्तुत अभियोजन के अनुसार दमोह में पदस्थ तत्कालीन सहायक पेंशन (एपीओ) अधिकारी मुकेश जैन ने दमोह के ही सेवानिवृत्त डीएसओ खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सातवें वेतनमान पुनरीक्षण एवं लंबित बिलों के भुगतान के एवज में सात हजार रूपए रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त ने शिकायत के बाद मुकेश जैन को ट्रेप किया था। कोर्ट ने उसे रिश्वत लेने का दोषी पाते हुए 4 साल की कैद की सजा सुनाई है।












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