MP News: मिशनरी की बाल संस्था में मिली शराब, लड़के-लड़कियां एक साथ रहते हैं
सागर की सेंट फ्रांसिस बाल संस्था बच्चों की फोटो विदेश भेजकर डालरों में डोनेशन के नाम पर कमाई कर रही हैं। यहां हिन्दू बच्चों के धर्मांतरण का भी खुलासा हुआ है। सबसे आपत्तिजनक बात किशोर लड़के—लड़कियों को एक साथ रखा है।

मध्य प्रदेश के सागर में क्रिश्चियन संस्था सेंट फ्रांसिस सेवाधाम आश्रम में धर्म परिवर्तन की शिकायत के बाद राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रियंक कानूनगो ने टीम के सदस्यों के साथ छापामार कार्रवाई स्टाइल में निरीक्षण किया तो ढेरों अनियमितताएं सामने आ गईं। सीडब्ल्युसी ने मामले में जांच बैठा दी है।
सागर-सेंट फ्रांसिस सेवाधाम आश्रम सागर में बच्चो धर्म परिवर्तन हो रहा है, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने माना कि सागर के सेंट फ्रांसिस सेवाधाम आश्रम में धार्मिक परीक्षा से संबंधित कुछ पेपर मिले है तथा एक ही जगह बच्चो को कई सालों तक रखना और एक धर्म विशेष की प्रैक्टिस करवाना जिससे यह धीरे धीरे इनकी आदत में शुमार हो जाएगा। एक लड़की की भी जानकारी आयोग को मिली है जो इस आश्रम में जब दाखिल हुई थी तब उसका नाम हिन्दू था और अब जब बालिग हो चुकी है तो उसका नाम क्रिश्चियन हो गया है। सागर के सेवा धाम आश्रम के खिलाफ हुई शिकायत को लेकर को बाल संरक्षण आयोग की चार सदस्यीय टीम सेवाधाम आश्रम पहुंची। टीम में शामिल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो सदस्य ओंकार सिंह व डॉ. निवेदिता शर्मा तथा रेखा पवार शामिल थी।
यह अनियमितताएं सामने आई हैं
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- आश्रम तीन अलग-अलग प्रकार के संस्थान चालू मिले हैं।
- किशोर लड़के-लड़कियों को एक ही हॉस्टल में रखा जा रहा है।
- सेंट फ्रांसिस बाल संस्था के एक ही बालक छात्रावास जिसमें लड़कियां भी रह रहीं।
- एक पंजीयन पर दो संस्थान चल रहे थे।
- बाल गृह मे बड़ी उम्र के बच्चे भी छोटे बच्चे के साथ रह रहे।
- कई सालों से रह रहे बच्चों के परिवार के संबंध में इनके पास कोई भी पुख्ता जानकारी नही थी ।
- एक बच्चे का परिवार है, उसे पता भी मालूम, लेकिन रजिस्टर में कोई जानकारी नहीं है।
- कई सालों से यहां रखे बच्चों के परिजन को ढूढ़ने का प्रयास तक नहीं किया गया
- बच्चों की फोटो विदेश भेजकर वहां से इनके नाम पर डालरों में कमाई की जा रही।
- जांच के दौरान मलयाली और लैटिन भाषा के दस्तावेज मिले।
स्पांसरशिप के नाम पर हो रही फंडिंग
राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि सेंट फ्रांसिस सेवाधाम में विदेशों से डॉलर के रूप में उगाही की जानकारी मिली है। जो बच्चों की फोटो भेजकर स्पांसरशिप के नाम पर लिए गए हैं। ऐसे दस्तावेज भी मिले जो न तो हिंदी में हैं और न ही अंग्रेजी में। इनमें से कुछ मलयालम भाषा के हैं तो कुछ दस्तावेज लैटिन भाषा में हैं। भाषा विशेषज्ञ से इनकी जांच कराई जा रही है। निरीक्षण के दौरान
शराब की बोतलें तक बाल आश्रम से मिली हैं
एक कमरे से शराब की बोतलें मिली हैं। खेती से होने वाली पैदावार व अनाज बच्चों के कमरे में ठूंसा गया मिला। यह जांच का विषय है कि इनसे कहीं बालश्रम तो नहीं कराया जा रहा। एक बच्ची को कम पारिश्रमिक पर रखकर उससे काम कराया जाता मिला है। इसका भी परीक्षण कराया जा रहा है।
- डॉ. प्रियंक कानूनगो, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष












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