मेडिकल कॉलेज में दर्द रहित डिलिवरी की शुरुआत, प्रसूताओं को मिलेगी राहत

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के आब्स एंड गायनी विभाग में प्रसूताओं को दर्द से राहत दिलाने के लिए अब रीड़ की हड्डी में एपिड्यूरल इंजेक्शन के माध्यम से दर्द रहित प्रसव कराने की शुरुआत की गई है।

BMC

मप्र के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं को प्रसव पीड़ा के दर्द से राहत दिलाने के लिए नई विधि का उपयोग प्रारंभ कर दिया है। एपिड्यूरल इंजेक्शन के माध्यम से आब्स एंड गायनी विभाग में इस नई विधि से सफलता पूर्वक प्रसव प्रारंभ करा दिए गए हैं।

प्रसव के दौरान होने वाले असहनीय दर्द से महिलाओं को राहत दिलाने के लिए चिकित्सा विज्ञान में अलग-अलग विधियो को अपनाया जाता है। इसमें एक विधि रीड़ की हड्डी के पास में एपिड्यूरल इंजेक्शन के माध्यम दवा दी जाती है। जिसके बाद प्रसव पीड़ा काफी हद तक कम हो जाती है। मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी अनुसार दर्द निवारण का एक तरीका होता हैं, एपिड्यूरल इंजेक्शन द्वारा, जिसके लिए रीढ़ में एक पतले से कैथेटर के माध्यम से दवा दी जाती है। महिला को डिलीवरी का दर्द नही होता और बच्चा भी बिना ऑपरेशन के हो जाता है । दो दिन पहले प्रसूता दयावंती लोधी निवासी डूंगसरा सनोधा अपनी दूसरी डिलीवरी के लिए बीएमसी आई थी। सहायक प्राध्यापक डॉ. अजय सिंह के मार्गदर्शन में पीजी विद्यार्थी डॉ. विनिषा ने कैथेटर डाल कर लेबर रूम में शिफ्ट कर दिया गया। विभागाध्यक्ष स्त्री रोग डॉ. शीला जैन एवम उनकी टीम ने सामान्य प्रसव कराया।

बीएमसी में 24 घंटे यह सुविधा प्रारंभ होगी
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य है और मरीज के लिए यह सुखद अनुभव रहा। निश्चेतना विभाग के अंतर्गत यह सुविधा बीएमसी में चौबीसों घण्टे उपलब्ध रहेगी। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर अमित जैन का विशेष मार्गदर्शन और सहयोग रहा।

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