अरे, लड़के ने ‘सांप के फन' को दांतों से दबा लिया! फिर आगे क्या हुआ...पढ़िए यह खबर
सागर के स्नेक कैचर असद खान ने जब दो खतरनाक सांपों के प्रेमालाप के दौरान रेस्क्यू कर पकड़ लिया...सांप को थैले में कैसे डाले? इसके लिए उसने एक सांप के फन को अपने दांतों से दबा लिया और बारी-बारी से दोनों को थैले में डाला।

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दरअसल सागर के डाॅ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर में हाॅस्टल के सामने एक बंगले में नाग-नागिन का एक जोड़ा प्रेमालाप करने दिखा था, तुरंत इसकी सूचना स्नेक कैचर अकील बाबा को दी गई, उनकी व्यवस्तता के कारण उनके बेटे असद खान सांपों का रेस्क्यू करने पहुंचे थे। अकील ने प्रेमालाप के दौरान दोनों सांपों को एक झटके में दुम से पकड़क खींच लिया। रेस्क्यू के दौरान तेज-तर्रार सांपों ने असद पर हमला करने का प्रयास भी किया, लेकिन असद ने बड़ी सफाई और मशक्त से दोनों सांपों के फन को एक-एक हाथों से दबोच लिया।
दोनों हाथों में सांप थे, कैसे थैले में डालता, अकेला भी था
असद खान के दोनों हाथों में दोनों सांप के फन थे, वे उसे जकड़े का प्रयास भी कर रहे थे, आसपास जो लोग मौजूद थे, वे सांपों को हाथ लगाने से भी डर रहे थे। जब कोई रास्ता नहीं बचा तो असद ने एक सांप के फन को अपने मुंह में हल्के से दांतों से दबा लिया, ताकि वह हमला न कर सके और भाग न सके। एक हाथ आजाद होते ही असद ने दूसरे सांप को फुर्ती के साथ थैले में डाल लिया। फिर दूसरे सांप के फन को अपने हाथों से पकड़कर मुंह से आजाद किया और एक मिनट के अंदर दूसरे सांप को भी थैले में डालकर बंद कर दिया।
रेस्क्यू किए गए सांप धामन प्रजाति के हैं
स्नेक कैचर असद खान ने बताया कि विवि के बंगले से जिन दो नागों का रेस्क्यू किया है वह धामन (घोड़ा पछाड़) प्रजाति के सांप हैं। असद ने बताया कि इस प्रजाति के सांपों में जहर नहीं होता है, इस कारण मजबूरी में उसे मुंह में दबा लिया था। हालांकि यह खतरनाक होता है, यह इंसान को जकड़ ले तो दम भी निकल सकता है, इसके दांत खतरनाक होते हैं। लोगों को बगैर जानकारी के सांपों से दूर ही रहना चाहिए।












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