Sagar नगर सरकार का पहला बजट, आय बढ़ाने की चुनौती, कुत्ता टैक्स, सीवर कनेक्शन का बढ़ेगा बोझ
सागर नगर निगम का चार साल बाद फिर 600 करोड़ से अधिक का बजट आ सकता है। बीते तीन सालों में परिषद के अभाव में प्रशासक ही बजट को अनुमोदित करते आ रहे थे। नई परिषद में पहली दफा बजट पेश किया जाएगा।

नगर निगम के बजट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। निगम में तीन साल बाद चुनी हुई परिषद द्वारा बजट पेश किया जाएगा। इसके पहले चुनाव न होने के कारण प्रशासक द्वारा बजट पास किया था। उधर, वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए नगर के बजट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। निगम के विभागों से जानकारी आ गई है। फिलहाल बजट की तारीख तय नहीं की गई है, हालांकि मार्च के आखिर में बजट सत्र बुलाने की तैयारी चल रही है। बता दें कि बजट में संभवत: मल्टीलेवल पार्किंग, स्ट्रीट लाइट, पार्कों का सौंदर्यीकरण जैसे कामों को शामिल किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री द्वारा बीते दिनों की गई घोषणाओं को भी इस बजट में शामिल किया जाएगा। इसमें साबूलाल, नया बाजार और बख्शीखाना के नए शॉपिंग कॉम्पलेक्स समेत राजघाट की ओर नगर निगम के मॉल का भी प्रावधान किया जा सकता है।

निगम का बजट 600 करोड़ से ज्यादा का रहने का अनुमान है। बीते सालों की तरह ही यह भी घाटे का ही बजट होगा। उधर, निगम सूत्रों पर भरोसा करें तो जनता पर टैक्स दरों में वृद्धि की मार नहीं पड़ेगी और जलकर, संपति कर को यथावत ही रखा जा सकता है। हालांकि सीवर, स्वच्छता कर को लेकर कुछ प्रावधान हो सकते हैं। जबकि कुत्ता टैक्स को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हैं। जानकारों का कहना है कि टैक्स के परिषद में पास होने के बाद अभी इसके प्रारूप बनाने में समय लग सकता है। वहीं बजट में डेवलपमेंट, सड़कों का निर्माण, अंधोसंरचनाएं, पार्क, फायर फाइटिंग सिस्टम आदि को शामिल किया जाएगा। चर्चा यह भी है कि घाटे के बजट से उभरने के लिए निगम कमर्शियल कॉम्पलेक्स और आवासीय कॉलोनी के नए प्रावधानों को शामिल कर रहा है, ताकि आय में बढ़ोत्तरी हो। इसके साथ ही निगम के करों की राशि में भी कोई बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी। इसके साथ ही आवास प्रोजेक्ट के तहत निगम एमआईजी, एलआईजी प्रोजेक्ट के लिए भी बजट में प्रावधान कर रहा है।

बजट में ये हो सकते हैं प्रावधान
- इन्फ्राॅस्ट्रक्चर: सड़कें, पार्कों और चौराहों का सौंदर्यीकरण और रिनोवेशन
- राजघाट सेकंड फेज: पुरानी पाइप लाइनों का मेंटेनेंस व विस्तार व हाइट बढ़ाए जाने की योजना
- सौंदर्यीकरण: सड़कों के चौड़ीकरण के साथ, यातायात चौकी की शिफ्टिंग।
- कर्मचारियों: निगम के कर्मचारियों के मंहगाई और मेडिकल भत्ता में इजाफा
इन प्रोजेक्ट को मिल सकती है प्राथमिकता
मध्यमवर्गीय के लिए मकान (एलआईजी, एमआईजी) का आवंटन
मॉल व कॉम्पलेक्स: मध्यवर्गीयों के दुकानें का आवंटन
वाटर सप्लाई, लाइन मेंटनेंस: अमृत प्रोजेक्ट फेज-2 के तहत 115 करोड़ का प्रावधान
मल्टीलेवल व पेड पार्किंग: ट्रैफिक की व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रावधान
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पार्क: अमृत पार्क की तर्ज पर शहर में पार्कों का निर्माण
बड़े प्रोजेक्ट राज्य अनुदान के भरोसे
बीते कुछ सालों में निगम द्वारा पेश किया गए बजट में औसतन 10 से 20 फीसदी तक बढ़ोत्तरी जरूर की गई है, लेकिन आय में वृद्धि नहीं हो पाई। दरअसल, निगम द्वारा लगाए जाने वाले संपत्ति, जल और अन्य करों में पिछले साल बढ़ोत्तरी नहीं किए जाने के बाद भी वसूली भी सीमित है। इतना ही नहीं शहर में चल रही अधिकांश बड़ी योजना के लिए निगम केंद्र और राज्य सरकार के अनुदान के भरोसा ज्यादा रहता है। निगम के पास आय के कम संसाधन की वजह से समस्याएं और भी बढ़ गई हैं।
पिछले 9 सालों का बजट
2023-24 - 600 करोड़ (अनुमानित)
2022-23 - 485 करोड़
2021-22 - 483 करोड़
2020-21 - 532 करोड़
2019-20 - 666 करोड़
2018-19 - 518 करोड़
2017-18 - 495 करोड़
2016-17 - 360 करोड़
2015-16 - 240 करोड़
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