Sagar News: अतिथि शिक्षकों ने महापंचायत के आदेश को लागू करने के लिए निकाली रैली, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
मध्य प्रदेश में लगातार अतिथि शिक्षक लंबे समय से वेतन विसंगति को लेकर सरकार से मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार कांग्रेस की बने या भाजपा की, अतिथि शिक्षकों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। एक बार फिर अतिथि शिक्षक महापंचायत में हुई घोषणाओं को लेकर सरकार से मांग करने जा रहे हैं।
बता दे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक लंबे समय के बाद इनकी सुनी और इनकी महापंचायत के आदेश जारी किए थे जिससे अतिथि शिक्षको को लगा था की शायद अब उनका भविष्य सुरक्षित हो जाएगा परन्तु ऐसा तो नहीं हो सका।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उन महापंचायत में इन्हे दोगुना वेतन देने, इनकों परीक्षा में 50 प्रतिशत आरक्षण देने और अधिकतम 20 अंक बोनस, पूरे साल का अनुबंध देने के साथ इनकी विभागीय परीक्षा लेने की घोषणा की थी जिससे समूचे प्रदेश के अतिथि शिक्षक काफी हद तक खुश नजर आ रहे थे परंतु उस समय डबल वेतन का आदेश तो विभाग ने जारी कर दिया था परंतु महापंचायत के बाकी आदेश उस समय जारी नही हो पाए।
जिसके बाद विधानसभा चुनाव आ गए इन अतिथि शिक्षको ने सत्ता पक्ष का साथ दिया और बीजेपी सरकार प्रबल बहुमत से एक बार फिर सरकार बनाने में कामयाब रही परंतु मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को न बनाकर मोहन यादव को बना दिया फिर क्या इस स्याशी उलट पलट के बाद अतिथि शिक्षको के आदेश भी ठंडे बस्ते में चले गए। जिसको लेकर पूरे मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षको ने जिला स्तर पर रैली निकाल कर कलेक्टर के नाम मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और महापंचायत में होने वाली घोषणा के आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है।
महापंचायत की घोषणा के बाद भी अतिथि शिक्षको के आदेश नही होने से अनेकों स्थिति शिक्षको को उच्च पद प्रभार के नाम पर स्कूलों से बाहर का रास्ता दिखा दिया जा रहा है। वहीं अनेकों महीनो की वेतन भी इन्हे नही मिली जिससे नाराज अतिथि शिक्षको ने कहा की हम सरकार का विरोध नही कर रहे परंतु हमारी महापंचायत में हुई घोषणा के आदेश जारी करवाने को लेकर समूचे मध्य प्रदेश में योजनाबद्ध तरीके से सरकार का आकर्षण और अल्टीमेटम दे रहे है अगर सरकार हमारी नही सुनती तो हम आगे की रणनीति बनाने और आंदोलन की राह अपनाने में नही हिचकेंगे।
संवाद सूत्र- ब्रजेश रजक












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