बुंदेलखंड: राहुल-प्रियंका के बजाय मल्लिकार्जुन खड़गे पर ज्यादा भरोसा, क्योंकि यहां SC वोटर ज्यादा
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 की आधार संहिता लगने से पहले ही बुंदेलखंड की राजनीति में उबाल आ गया है। पीएम मोदी की सभा के बाद अब कांग्रेस ने भी बुंदेलखंड पर फोकस कर लिया है। यहां अनुसूचित जाति मतदाताओं को साधने के लिए कांग्रेस ने चौंकाने वाला डिसीजन कर लिया है। यहां उसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बजाय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर ज्यादा भरोसा है। कारण खड़गे एससी वर्ग से आते हैं और कांग्रेस उनकी सभा के माध्यम से जाति को साधने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 22 अगस्त को सागर के कजलीवन मैदान में आमसभा को संबोधित करेंगे। यह इलाका अनुसूचित जाति बाहुल्य नरयावली विधानसभा में आता है और सागर नगर निगम की सीमा से सटा है। बता दें कि बुंदेलखंड में कुल 26 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 9 सीटें कांग्रेस जीती थी। बाद में दलबदल के कारण 3 विधायक भाजपा में चले गए और दमोह सीट उपचुनाव में कांग्रेस के पास वापस आ गई। इधर 26 में से 6 एससी वर्ग के लिए आरक्षित सीटें हैं। इनमें से कांग्रेस के पास केवल एक ही सीट है। इन्हीं हारी हुई सीटों का गणित लगाकर कांग्रेस इस दफा राहुल-प्रिंयका को दरकिनार कर मल्लिकार्जुन खड़गे का सागर ला रही है।
बुंदेलखंड में 22 प्रतिशत वोटर एससी वर्ग से हैं
मध्य प्रदेश में कुल मतदाताओं में करीब 16 फीसदी मतदाता एससी वर्ग से आते हैं। बुंदेलखंड में इनका प्रतिशत सबसे अधिक 22 प्रतिशत है। एससी वर्ग कांग्रेस का पुराना वोटबैंक माना जाता रहा है, लेकिन बीते 20 सालों में यह कांग्रेस के हाथ से खिसक गया और बुंदेलखंड में एससी आरक्षित 6 में से कांग्रेस केवल एक सीट जीत सकी थी। मल्लिकार्जुन खड़गे को सागर लगाकर चुनावी कैंपेन शुरू कर कांग्रेस बुंदेलखंड सहित प्रदेश में बढ़ी बढ़त की लालसा में है। कुल मिलाकर एससी मतदाताओं के सहारे कांग्रेस सत्ता में पुन: वापसी करना चाहती है।












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