सागर: ईओडब्ल्यू की बडी कार्रवाई, ईपीएफ रीजनल कमिश्नर 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार
सागर। 5 जून
मप्र के सागर में आर्थिक अपराध अन्वेषण संगठन जबलपुर-सागर ने बडी कार्रवाई करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कमिश्नर को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने सागर की बीआर एंड कंपनी पर कार्रवाई का दबाव बनाकर 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। आज 5 लाख रुपए की पहली किश्त ले रहे थे, इसी दौरान ईओडब्ल्यू ने छापामार कर उन्हें रंगे हाथ पकड लिया।

ईओडब्ल्यू एसपी देवेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि आवेदक अनिरूद्ध पिंपलापुरे बीआरएंड कंपनी सिवलि लाइन्स सागर ने ईओडब्ल्यू में ईपीएफ कमिश्नर सतीष कुमार द्वारा उनकी फर्म पर कार्रवाई का दबाव बनाकर 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने अनिरुदध के माध्यम से लेनदेन की बातचीत की रिकॉर्डिंग के बाद कार्रवाई की प्लानिंग की थी। रविवार शाम को ईपीएफ के क्षेत्रीय कमिश्नर सतीष सिंह के सरकारी आवास पर भेजा था। रुपए के लेनदेन के बाद हरीझंडी मिलने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने छापामार कर रीजनल कमिश्नर को रंगे हाथ पकड लिया।
रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के एवज में मांगी थी रिश्वत
ईओडब्लयू को की गई लिखित शिकायत के अनुसार अनिरुद्ध पिंपलापुरे की फर्म के रिकॉर्ड को गलत बताकर उसे दुरुस्त करने के एवज में ईपीएफ रीजनल कमिश्नर सतीष कुमार ने सीधे तौर 10 रुपए की डिमांड की थी अन्यथा ईपीएफ एक्ट के तहत कार्रवाई की धमकी दे रहे थे। शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू संगठन की निरीक्षक उमा नवल आर्य एवं स्वर्णजीत सिंह धामी ने ट्रेपिंग की प्रक्रिया प्रारंभ की थी।
श्रमिक दिवस पर कंपनी को सम्मानित भी किया था
मामले में सबसे रोचक बात यह है कि जिस बीआरएंड कंपनी से ईपीएफ कमिश्नर रिश्वत की मांग कर रहे थे, उसी कंपनी को बीते श्रमिक दिवस पर उन्होंने सम्मानित भी किया था। दरअसल केंद्र सरकार की योजना है कि कर्मचारी भविष्य निधि के तहत जो भी संगठन बेहतर काम कर रहे हैं, ईपीएफ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाता है। आज उसी फर्म से रिश्वत लेते क्षेत्रीय आयुक्त धरे गए।












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