केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल पुलिस से खफा, लौटाई दमोह पुलिस की सुरक्षा
केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण व जलशक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल अपने संसदीय क्षेत्र दमोह पुलिस से खफा हो गए। मंत्री का पारा इतना चढ़ गया कि उन्होंने अपनी सुरक्षा व बंगले पर तैनात दमोह पुलिस के कर्मचारियों को वापस भेज दिया। दरअसल मंत्री अपने भाजपा कार्यकर्ताओं पर एक मामले में एफआईआर दर्ज होने से नाराज हैं। उन्होंने कैमरे के साथ स्पष्ट कहा कि मैं इस मामले में एसपी और पुलिस की कार्रवाई के सख्त खिलाफ हूं।

केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल ने बुधवार को अपने घर पर तैनात व सुरक्षा में दिए गए दमोह पुलिस के सारे जवानों को वापस भेज दिया। इसकी सूचना भी उन्होंने पुलिस व जिला प्रशासन को भेज दी है। दरअसल मंत्री पटेल गुस्से में हैं। उनके नजदीकि व भाजपा कार्यकर्ताओं पर दमोह पुलिस में एक आत्महत्या के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। जिनके नाम सामने आए हैं उनमें भाजपा के पार्षद पति व सांसद प्रतिनिधि का भी नाम शामिल है, इन पर ही एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
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मंत्री प्रहलाद पटेल ने क्या कहा, पढ़िए
मैंने कहा था कि बारीकि से जांच होना चाहिए, लेकिन उसके बावजूद पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई की है। मैं इसका सख्त विरोध करता हूं। जब तक इन भाजपा कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं मिलेगा, मैं दमोह पुलिस की कोई भी सेवाएं नहीं लूंगा। उन्होंने कहा कि जिस परिवार के नौजवान की जान गई है, उनके प्रति मेरी संवेदनाए हैं। मैंने पुलिस से कहा था कि हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच होना चाहिए। मैं पुलिस अधीक्षक और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के खिलाफ हूं। दमोह पुलिस का कोई भी कर्मचारी मेरे बंगले पर या मेरे साथ नहीं होगा।
यह है मामला
दमोह में कुछ दिन पहले दमोह के धर्मपुरा पृथ्वीवार्ड में राशन दुकान संचालित करने वाले विक्रम उर्फ विक्की रोहित ने जान दे दी थी। वह एक सुसाइड नोट छोड़ गया है। इसमें उसकी दुकान को छीनने का प्रयास व दुकान का राशन भाजपा पार्षद के पति यशपाल ठाकुर, मोंटी रैकवार व केके पुलिस के नाम के व्यक्ति छीनने का प्रयास कर रहे थे। उसकी दुकान का राशन भी दूसरी जगह उतरवा लिया था। मृतक विक्की ने इन तीनों के नाम प्रताड़ित करने वाले लोगों के रुप में लिखे थे। बता दें कि यशपाल सिंह ठाकुर मंत्री प्रहलाद पटेल का सांसद प्रतिनिधि भी है। पुलिस ने इस मामले में यशपाल सहित मोंटी रैकवार व एक अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसके बाद मंत्री खफा हो गए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने बिना जांच कराए, बिना राइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराए मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में उन्होंने सुसाइट नोट पर भी सवाल उठाए हैं।












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