Assembly Elections 2023: कांग्रेस का बुंदेलखंड पर फोकस, दिग्गी ने जमाया डेरा, तीन दिन सागर में रुकेंगे
कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय पर डेरा डाल रखा है। वे दो दिन से सागर में हैं और बीना, खुरई व सुरखी विधानसभा में लगातार दौरे कर रहे हैं।

विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस का मुख्य फोकस मालवा, चंबल के साथ-साथ बुंदेलखंड पर भी रहेगा। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने यहां सक्रियता बड़ा दी है। दो दिन से दिग्गी सागर जिले में घूम रहे हैं। बुधवार को उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि भाजपा में सीएम के 8 दावेदार नए कुर्ते सिलवाकर घूम रहे हैं, लेकिन किसी को भी मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि अब कमलनाथ सीएम बनेंगे और कांग्रेस की पूर्ण बहुमत से सरकार बनने जा रही है।

विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने बुंदेलखंड इलाके पर फोकस कर लिया है। भाजपा के यहां से तीन कद्दावर मंत्री मौजूद हैं, तो अभेद किले फतह करने के लिए कांग्रेस पार्टी रणनीति बनाने में जुटी है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खुद यहां डेरा जमा रहे हैं। दो दिन से दिग्गी सागर जिले में दौरा कर रहे हैं, लोगों से मिल रहे हैं। दिग्गी का दावा है कि भाजपा में शिवराज के हटने और खुद को सीएम का दावेदार बताने वाला कोई एक व्यक्ति नहीं बल्कि 8-8 लोग लाइन में लगे हैं, लेकिन इनको मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि 2023 में कांग्रेस की सरकार आ रही है और कमलनाथ ही सीएम बनने जा रहे हैं।
Recommended Video
सिंधिया के सीएम बनने के सवाल पर गिनाए नाम
सुरखी विधानसभा के जैसीनगर में मीडिया से रूबरू होते हुए दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर जनसेवा के बजाय स्वयं सेवा के जमकर आरोप लगाए। दिग्गी से जब सवाल किया गया कि क्या अगले सीएम सिंधिया होंगे तो दिग्गी ने जवाब दिया कि सिंधिया को छोड़िए, भाजपा में 8-8 सीएम के दावेदार हैं। उन्होंने बकायदा एक-एक नाम लेकर गिनती कर बताया। आखिर में बोले, लेकिन इनमें से किसी को सीएम बनने का मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि कांग्रेस की सरकार आ रही है और कमलनाथ मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
Sagar News: केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की समरसता, भोजन कराया, फिर खुद ही उठाने लगे जूठी पत्तलें
सुरखी क्षेत्र में जनसंघ के लोग भी मुझसे जाकर मिलेः दिग्गी
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुझे जैसीनगर में जनसंघ के समय के लोग मिले जिन्होंने, चना खाकर साइकिल पर घूमकर जनसंघ का प्रचार किया, वह अब दुखी हैं कि जिन आदर्शों के लिए उन्होंने आरएसएस और भारतीय जनसंघ का बल्ला पकड़ा था वह अब सारे आदर्श चले गए और अब एक आदर्श बचा है वसूली। उन्होंने कहा कि वसूली थाने की हो या तहसील की चाहे पंचायत की हो, चाहे पीडब्ल्यूडी की हो, चाहे गेहूं खरीद की हो वसूली होना चाहिए अधिकारी कर्मचारियों का मूल्यांकन जनसेवा नहीं रहा धनसेवा हो गया जो ज्यादा ज्यादा धन इकट्ठा करके विधायक और मंत्री को देंगे वही सबसे बेहतरीन अधिकारी कर्मचारी है, चाहे जनता लुट रही हो। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में आती है तो वह जनसेवा कम और स्वयं सेवा व व्यावसाय ज्यादा करती है।












Click it and Unblock the Notifications