बड़ा खुलासा! नोटबंदी के बाद सरकार ने बंद की 2.24 लाख कंपनियां, फर्जी कंपनियों ने डिपॉजिट किए थे 17 हजार करोड़

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नई दिल्ली। नोटबंदी की पहली सालगिरह से ठीक पहले बड़ा खुलासा हुआ है। जी हां, दरअसल सरकार के कदम से बड़ी संख्या में फर्जी कंपनियों पर गाज गिरी है। इन कंपनियों के खाते भी बंद कर दिए गए हैं। नोटंबदी के बाद से अबतक ब्लैकमनी कर शिकंजा कसते हुए सरकार ने 2.24 लाख कंपनियां बंद की हैं। ये कंपनियां 2 साल या उससे अधिक समय से एक्टिव नहीं थीं। कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री ने रविवार को इस बात की जानकारी दी है। मिनिस्ट्री के अनुसार, नोटबंदी के बाद से 56 बैंकों द्वारा मिलने वाले डाटा के आधार पर इन कंपनियों को बंद किया गया है। बैंकों ने 35 हजार कंपनियों और 58 हजार बैंक खातों की जानकारी मंत्रालय को दी थी।

Rs 17,000 Cr Deposited And Withdrawn By 35,000 Companies Post Demonetisation

मंत्रालय की तरफ से ये भी जानकारी दी गई है कि एक कंपनी जिसके खाते निगेटिव में थे, उसमें 8 नवंबर 2016 को 2484 करोड़ रुपये जमा कराए गए और फिर ये पैसा निकाल लिया गया। बता दें कि सरकार ने जिन कंपनियों पर एक्शन लिया है इन कंपनियों के साथ ही इनसे जुड़े करीब 3.09 लाख डायरेक्टर्स पर भी सरकार का चाबुक चला है। इन सभी डायरेक्टर्स को अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

शुरुआती जांच में मिला है कि 35000 कंपनियों के 58000 अकाउंट्स में नोटबंदी के बाद से 17 हजार करोड़ रुपयों का लेन देन किया गया। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी, जिसमें 500 रुपए और 1000 रुपए की पुरानी नोट पर बैन लगा दिया था। मंत्रालय की ओर से जारी की गई जानकारी में बताया गया कि एक कंपनी के 2,134 बैंक खातों के बारे में पता चला वहीं, एक निगेटिव ऑपनिंग बैलेंस वाली एक कंपनी ने नोटबंदी के बाद 2,484 करोड़ रुपये बैंकों में जमा किए और बाद में निकाल लिए।

सरकार ने बताया कि ऐसी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। ऐसी कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और सरकार की अनुमति के बिना ये कंपनियां अपने ऐसेट्स को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकती हैं।

 

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English summary
Rs 17,000 Cr Deposited And Withdrawn By 35,000 Companies Post Demonetisation
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