मुस्लिम दुकानदारों पर बैन के खिलाफ बोलीं उद्योगपति किरण मजूमदार-शॉ

नई दिल्ली, 31 मार्च। कर्नाटक में मुस्लिम दुकानदारों को काम करने से रोके जाने की खबर अपने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए किरण मजूमदार शॉ ने लिखा, "कर्नाटक ने हमेशा समावेशी विकास किया है और हमें इस तरह के सांप्रदायिक बहिष्कार की इजाजत नहीं देनी चाहिए. अगर भारत इन्फॉर्मेशन और बायो टेक्नोलॉजी सांप्रदायिक हो गया तो यह हमारे अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व को बर्बाद कर देगा."
इसी ट्वीट में मजूमदार शॉ ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई को टैग करते हुए उनसे आग्रह किया है कि इस बढ़ते सांप्रदायिक विभाजन का कुछ हल निकालें. एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "हमारे मुख्यमंत्री बहुत प्रगतिशील नेता हैं. मुझे पूरा यकीन है कि वह इस मुद्दे को जल्दी हल करेंगे."
सोशल मीडिया पर अभियान
कर्नाटक में मंदिर परिसरों आसपास लगने वाले मेलों के अंदर मुसलमान दुकानदारों को दुकानें लगाने से रोकने जैसे कुछ फरमान जारी हुए हैं. राज्य हाईकोर्ट द्वारा शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर पाबंदी लगाने का आदेश देने के बाद बुलाए गए बंद में तटीय कर्नाटक में कुछ मुसलमान व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी थीं. इसके बाद ही मंदिर परिसरों में उन्हें दुकाने ना लगाने देने की मांग उठी.
जिन मंदिरों में मुसलमान दुकानदारों को दुकान लगाने से रोका जा रहा है, वहां वे सालों से व्यापार करते आ रहे हैं. इनमें सालाना लगने वाले होजा मारगुड़ी और कोल्लूर मूकाम्बिका मेले शामिल हैं. इसके अलावा दक्षिण कर्नाटक में दुर्गापरमेश्वरी, मंगलदेवी और पुट्टुर महालिंगेश्वर मंदिरों में भी ऐसे बैन लगाए गए हैं. अलग-अलग मंदिरों में मुसलमान दुकानदारों को बैन करने के लिए सोशल मीडिया पर भी मुहिम चलाई गई है. टोंटादरया मुत्त मेले से गैर-हिंदू दुकानदारों को बाहर रखने के लिए सोशल मीडिया कई पोस्टर आदि शेयर किए गए.
विरोध में आए कई लोग
मैंगलुरु के नजदीक बप्पानाडू की दरगाह को तो सांप्रदायिक सद्भाव की पहचान माना जाता है. दुर्गापरमेश्वरी मंदिर के बारे में कहा जाता है कि उसे एक मुस्लिम व्यापारी बप्पा के सहयोग से बनवाया गया था. इस मंदिर की प्रबंधन समिति के प्रमुख ने कहा है कि उन्होंने विश्व हिंदू परिषद द्वारा मुस्लिम दुकानदारों को दुकान ना लगाने देने की मांग ठुकरा दी है.
हिजाब विवाद: हाईकोर्ट ने कहा इस्लाम में हिजाब अनिवार्य नहीं
सोमवार को बीजेपी के दो नेताओं ने भी इस तरह व्यापारियों पर प्रतिबंध पर आपत्ति जताते हुए राज्य सरकार से कार्रवाई करने की मांग की. नवंबर से अप्रैल के बीच कर्नाटक में मेलों का मौसम होता है. इस दौरान पूरे राज्य में 40-50 जगह मेले लगते हैं. कोविड के कारण पिछले कई महीनों से ढंग से व्यापार ना कर पाए दुकानदारों को इन मेलों से खासी उम्मीद थी.
भारत में सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित होने को लेकर कई बार जानेमाने लोगों ने चिंताजताई है. इनमें बड़े उद्योगपतियों से लेकर कलाकार और फिल्मकार आदि तक शामिल हैं. कर्नाटक में स्कूलों में हिजाब पर बैन लगाने के मुद्दे ने भी हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच बड़ा विवाद खड़ा किया था.
Source: DW
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