छत्तीसगढ़ में हवा से होगा बिजली उत्पादन
छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने प्रदेश में हवा से बिजली उत्पादन करने की तकनीक पर काम शुरू कर दिया है। क्रेडा इसके लिए अपनी सारी प्रायोगिक तैयारी लगभग पूरी कर चुकी है। क्रेडा के मुख्य अभियंता शशिकांत देशपांडे ने बताया कि शुरुआती अध्ययन में 50 मीटर की ऊंचाई की हवा से महज 23 मेगावाट बिजली उत्पादन की संभावना जताई गई थी। बाद के अध्ययन में सामने आया कि मास्ट की ऊंचाई 80 मीटर कर देने पर इसकी क्षमता 314 मेगावॉट तक पहुंचाई जा सकती है।

अधिकारियों ने दावा किया कि इस परियोजना की कामयाबी के बाद आनेवाले दो-तीन सालों में कम से कम 100 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होने लगेगा। एक मास्ट के पीछे 22 लाख का खर्च लगने का अनुमान है। यह खर्च केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएगी। इस परियोजना में लगनेवाले खर्च का 40 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार देगी। बाकी 60 फीसदी राज्य सरकार और निजी निवेशक मिलकर उठाएंगे।।
परियोजना में अपनी हिस्सेदारी 30 फीसदी करने के लिए क्रेडा ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है। जानकारी के मुताबिक इसके लिए क्रेडा ने प्रदेश में हवा के उच्च घनत्व वाले नौ क्षेत्रों को चुना है। इनमें जशपुर, सरगुजा, मैनपाट, केशकाल, बचेली, आकाश नगर, गरियाबंद और कोंडागांव शामिल हैं। इन जगहों पर 30 मास्ट लगाए जाएंगे। 80 मीटर ऊंचे इस मास्ट से हवा की गति मापी जाएगी। जानकारों के मुताबिक यह प्रयोग आने वाले वक्त में गैर पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन की दिशा तय करेगा।












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