उत्तराखंड त्रासदी बरसी: वादियों में दफन हुए ये 12 लोग, बेटे ने लिखा-'बाबा केदार अब तो भेजो हमारे माई-बाप'
16-17 जून 2013 को हुई उत्तराखंड त्रासदी में राजस्थान के सीकर, चूरू व झुंझुनूं जिले के 12 यात्री भी लापता हो गए थे।
Uttarakhand Tragedy Anniversary 2023: देवभूमि उत्तराखंड में केदारनाथ आपदा को आज एक दशक पूरा हो गया। 16-17 जून 2013 को हुई उत्तराखंड त्रासदी ने देशभर के कई परिवारों को कभी नहीं भूल सकने वाला गम दिया।
उत्तराखंड त्रासदी में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों के जख्म फिर से ताजा हो गए। इनमें राजस्थान के सीकर, चूरू व झुंझुनूं के परिवार भी शामिल हैं। इन परिवारों के 12 सदस्य उत्तराखंड की वादियों में कहीं दफन हो गए।

ये यात्री कभी नहीं लौटे
1. मातादीन शर्मा, पचलंगी झुंझुनूं
2. संतरा देवी, पचलंगी झुंझुनूं
3. सतीश चौधरी, सिंघाना झुंझुनूं
4. ऊषा चौधरी, सिंघाना झुंझुनूं
5. ओमप्राकश, डाबड़ी बलौदा झुंझुनूं
6. भगवानी देवी, डाबड़ी बलौदा झुंझुनूं
7. गजानंद, हरिपुरा झुंझुनूं
8. गिन्नी देवी, बगड़ झुंझुनूं
9. सुमेरदान चारण, चूरू
10. चंद्रकंवर, चूरू
11. राजेश सैन उर्फ लाला, सीकर
12. राजू, गांव सिरोही सीकर
बेटे ने लिखी भावुक पोस्ट
पचलंगी निवासी मातादीन व उनकी पत्नी संतरा देवी की याद में उनके बेटे अरुण शर्मा ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखा है। इन्होंने लिखा कि 'कब 11 साल बीत गई पता ही नहीं लगा ऐ बाबा केदार अब तो भेजो हमारे माई बाप। सादर नमन'

उल्लेखनीय है कि मातादीन व संतरा देवी 16 जून 2013 की सुबह नौ बजे अपने दल के साथ केदारनाथ के दर्शन करके लौट रहे थे। अचानक बारिश व बाढ़ से दल के सभी सदस्य बिछड़ गए। मातादीन व संतरा देवी कहां गए? आज तक पता नहीं चला।












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