Ravidnra Bhati: बाड़मेर में रविंद्र सिंह भाटी को हराने वालों ने किया 3 करोड़ रुपए देने का ऐलान
Who is Ummedaram Beniwal MP Barmer: लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद से ही बाड़मेर में उम्ममेदाराम बेनीवाल की जीत से ज्यादा चर्चा निर्दलीय रविंद्र सिंह भाटी की हार की हो रही है। अब रविंद्र सिंह भाटी को हराने वालों ने 3 करोड़ रुपए का ऐलान कर बाड़मेर को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
रविंद्र सिंह भाटी को बाड़मेर सांसद बने उम्मेदाराम बेनीवाल व बायतु विधायक हरीश चौधरी की जोड़ी ने हराया है। अब इन दोनों ने ही सांसद-विधायक कोटे से एक साथ तीन करोड़ रुपए खर्च करने की संयुक्त घोषणा की है। बाड़मेर में जनप्रतिनिधि कोटे से इतनी बड़ी राशि का यह संभवतया पहला मामला है।

दरअसल, 4 जून को बाड़मेर-जैलसमेर लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम घोषित होने के बाद 6 जून की दोपहर को बाड़मेर शहर में स्थित मेघवाल समाज के आराध्य चंचलप्राग मठ में कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी व पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी जीत पर आभार जताने और आशीर्वाद पहुंचे थे।
इस दौरान लोकसभा चुनाव में साथ देने का आभार जताने के साथ ही मेघवाल समाज से संबंधित शिक्षा व विकास कार्यों के लिए सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल कोटे से एक करोड़ रुपए और विधायक कोटे से दो करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई।
मीडिया से बातचीत में बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि मेघवाल समाज में लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस का खूब सहयोग किया। इसलिए विधायक व सांसद कोष से मेघवाल समाज की शिक्षा व सामाजिक विकास के लिए तीन करोड़ की राशि की घोषणा की है, क्योंकि राशि देने योग्य इन्हीं लोगों ने बनाया है। इस पर इनका अधिकार भी है।
उम्मेदाराम बेनीवाल का जीवन परिचय
बाड़मेर सांसद उम्मेदराम बेनीवाल बाड़मेर जिले के गांव पूनियों का तला के रहने वाले हैं।
साधारण परिवार से आने वाले उम्मेदाराम बेनीवाल ने खेती और मजदूरी करके पढ़ाई पूरी की।
उम्मेदाराम बेनीवाल ने साल 1995 में बतौर कांस्टेबल दिल्ली पुलिस ज्वाइन की।
उम्मेदा राम बेनीवाल ने दिल्ली पुलिस में 10 साल तक सेवाएं दी। इस दौरान कई पुलिस थानों में रहे।
बेनीवाल ने साल 2005 में संसद मार्ग पुलिस थाने में रहते नौकरी छोड़ दी।
दिल्ली में सांसदों का संसद में आना-जाना संसद मार्ग पुलिस थाने के सामने से लगा रहता है। अब सांसद बनने के बाद उम्मेदाराम बेनीवाल भी उसी पुलिस थाने के सामने से संसद जाएंगे, जहां से कभी वे सांसदों को आते-जाते देखा करते थे।
उम्मेदाराम बेनीवाल को दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की नौकरी में मन लगता था। नौकरी छोड़कर हैंडीक्राफ्ट का काम शुरू किया। उम्मेदाराम का बाड़मेर में हैंडीक्राफ्ट का व्यापार चल पड़ा और इन्होंने खूब पैसे कमाए। फिर राजनीति में कदम रख दिया।
उम्मेदाराम बेनीवाल: सरपंच से सांसद तक का सफर
नौकरी छोड़कर व्यापार में हाथ आजमाते हुए उम्मेदाराम बेनीवाल ने पहले अपने गांव पूनियों का तला से पत्नी पुष्पा को सरपंच बनाया। फिर खुद भी साल 2010 से 2015 तक सरपंच रहे। सरपंच बनने के बाद उम्मेदाराम बेनीवाल ने हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी ज्वाइन कर ली और साल 2018 व 2023 बाड़मेर की बायतु सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा। दोनों बार मामूली अंतर से चुनाव हार गए। लोकसभा चुनाव से पहले आरएलपी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की और रविंद्र सिंह भाटी को 118176 वोटों से हराकर सांसद बने गए। बाड़मेर लोकसभा चुनाव 2024 जीतने के बाद मीडिया से बातचीत में उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि मैं दिल्ली कब का ही छोड़कर बाड़मेर आ गया था, मगर दिल्ली ने अब मुझे फिर बुला लिया है।












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