राजस्थान पहुंची शहीद जवानों की पार्थिव देह, कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल, तो मंत्री ने दिया दो टूक जवाब
Rajasthan News: राजस्थान में झुंझुनूं के शहीद हुए जवानों की पार्थिव देव गृह नगर पहुंच गई है। आज दोनों शहीद जवानों की पार्थिव देह पहले जयपुर एयरपोर्ट पहुंची तो भाजपा सहित कांग्रेस नेताओं ने शहादत को नमन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर सियासी पलटवार भी किया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली ने सीमा पर आतंकी हमलों को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया।
राजस्थान में शहीदों की शहादत, कांग्रेस ने यूं किया पलटवार pic.twitter.com/TTplCam1W8
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) July 17, 2024
दोनों ही नेताओं ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि "सरकार ने कहा था कि एक के बदले दस सर लायेंगे, लेकिन, हकीकत कुछ और है, हमले लगातार बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।

उधर मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और अविनाश गहलोत भी जयपुर एयरपोर्ट पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। जहां अविनाश गहलोत ने कांग्रेस को सीधा जवाब देते हुए कहा कि हमारी सेना और केंद्र सरकार ईंट का जवाब पत्थर से देगी।
वहीं मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि विपक्ष कितनी तुच्छ राजनीति करता है, इस बात का अंदाजा इनके बयानों से लगाया जा सकता है। खींवसर ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि सेना को राजनीति का मोहरा नहीं बनाना चाहिए। यह गंदी राजनीति है।
वीर सपूतों को अश्रुपूरित नेत्रों से ससम्मान अंतिम विदाई!!
मातृभूमि की रक्षा में प्राणों को न्योछावर कर देने वाले राजस्थान के दो वीर सपूतों झुंझुनूं जिले के भैसावता कलां गांव के वीर जवान श्री अजय सिंह नरूका जी और डूमोली कलां गांव के लाल श्री बिजेंद्र कुमार जी की पार्थिव देह को… pic.twitter.com/5qD3HvMToE
— Gajendra Singh Khimsar (@GajendraKhimsar) July 17, 2024
झुंझुनूं के सिंघाना के भैसावता कलां गांव निवासी शहीद अजय सिंह की उम्र महज 26 साल थी। शहीद अजय सिंह का परिवार पिलानी कस्बे में रहता है। जानकारी के अनुसार अजय सिंह साल 2018 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनके पिता कमल सिंह भी 24 राजपूत रेजीमेंट में सेवारत थे। अजय सिंह के चाचा कायम सिंह भी सेना में ही है।
21 नवंबर 2021 में अगवाना गांव निवासी शालू कंवर के साथ अजय सिंह की शादी हुई थी। अजय सिंह की ट्रेनिंग फतेहगढ़ यूपी 6 राजपूत बटालियन में हुई थी। अजय सिंह की पहली पोस्टिंग सिक्किम में थी। अजय सिंह 18 जुलाई को छुट्टी लेकर परिवार के पास आने वाले थे।
आपकों बता दे कि जम्मू के डोडा जिले में डेसा जंगल में सर्च ऑपरेशन चल रहा था। इसी दौरान सोमवार की शाम को आतंकवादी फायरिंग करते हुए भागे। भारतीय सेना के जवानों उनका पीछा कर रहे थे। इसमें 5 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।












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