Sunita Khokhar: गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ी सुनीता खोखर ने ISRO में बनाए चंद्रयान-3 लैंडर के सेंसर
Sunita Khokhar ISRO Scientist: इसरो वैज्ञानिक सुनीता खोखर राजस्थान के कुचामन-डीडवाना (नागौर) जिले के गांव डाकीपुरा की रहने वाली है। चंद्रयान 3 को चांद पर लैंड करवाने में योगदान दिया।
Sunita Khokhar ISRO Biography in Hindi: चंद्रयान 3 को चंद्रमा के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक लैंड करवाने में अहम योगदान देने वालीं इसरो वैज्ञानिक सुनीता खोखर की सक्सेस स्टोरी उन लोगों के लिए मिसाल है, जिन्हें लगता है कि सरकारी स्कूलों में पढ़कर सफल नहीं हुआ जा सकता। उन युवतियों को भी सुनीता से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो शादी के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं।

भारत के चंद्रयान 3 मिशन की सफलता के साथ ही चर्चा में आई सुनीता खोखर राजस्थान के नागौर जिले के गांव डाकीपुरा की रहने वाली है। ये भी चंद्रयान मिशन टीम का हिस्सा रही हैं। चंद्रयान 3 के लैंडर विक्रम के सेंसर बनाने में योगदान दिया है।
मीडिया से बातचीत में सुनीता खोखर कहती हैं कि साल 2015 में उनकी शादी हो गई थी। शादी के बाद भी पढ़ना नहीं छोड़ा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती रही और साल 2017 में इसरो के अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष उपयोग सेवा केन्द्र में ज्वाइन किया। पढ़ाई करने में ससुराल वालों ने पूरा सपोर्ट किया।

सुनीता खोखर के पिता मोहनराम खोखर कहते हैं कि बेटी ने कक्षा नौ तक की पढ़ाई गांव डाकीपुरा व गांव करकेड़ी के सरकारी स्कूल से की। दसवीं और बारहवीं कुचामन के निजी स्कूल से करने के बाद साल 2013 में अजमेर से इंजीनियरिंग की। अब चंद्रयान 3 के लैंडर विक्रम के सेंसर बनाने में योगदान दिया।

एक भाई व एक बहन से छोटी हैं सुनीता
सुनीता खोखर साधारण जाट परिवार से है। माता-पिता खेती करते हैं। सुनीता का जन्म 20 जुलाई 1993 को हुआ। इसरो वैज्ञानिक सुनीता अपनी संस्कृति व परम्पराओं से जुड़ी हुई हैं। जब भी मायके या ससुराल आती हैं तो अक्सर राजस्थान की परंपरागत पोशाक में नजर आती हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं।
एलआईसी में काम करते हैं सुनीता के पति
सुनीता के ससुर आर्मी से रिटायर हैं। उनके बेटे अरविंद कुमार के साथ सुनीता की शादी हुई है। इनके 13 माह की एक बेटी है। एमबीए डिग्रीधारी अरविंद कुमार पहले गाजियाबा व जयपुर में निजी कंपनी में जॉब करते थे। सुनीता का इसरो में चयन होने के बाद अरविंद एलआईसी अहमदाबाद में डीओ हैं।
चंद्रयान 3 में सुनीता का योगदान
बता दें कि 14 जुलाई 2023 को इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉंच किया गया था, जिसका लैंडर विक्रम 23 अगस्त 2023 की शाम छह बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक लैंड कर चुका है। लैंडिंग के कुछ घंटों बाद लैंडर से रोवर प्रज्ञान बाहर निकलकर चांद पर चलने भी लगा। रोवर प्रज्ञान सेंसर के जरिए ही चांद की सूचनाएं इसरो तक भेजेगा।












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