प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में घोटाला, 7230 लाभार्थी गर्भवती महिलाओं का नहीं मिला रिकॉर्ड
जैसलमेर। राजस्थान में जैसलमेर जिले से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अधिकारियों द्वारा घोटाला किए जाने की खबर है। यहां 7230 लाभार्थी गर्भवती महिलाओं का रिकॉर्ड ही नहीं मिला है। आशंका है कि ऐसा करके सरकार को एक करोड़ रुपए का चूना लगा। हालांकि, अनियमितताएं उजागर होने की वजह से 80 लाख का अप्रमाणित भुगतान रोक दिया गया है। ये 80 लाख रुपए खातों में जमा होने से पहले ही रुकवा दिए गए।

संवाददाता के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से चल रही इस योजना में जैसलमेर महिला एवं बाल विकास विभाग में घपला किया गया। बाद में कलेक्टर के निर्देशानुसार लेखाधिकारी देरावरसिंह की अध्यक्षता में गठित आंतरिक जांच कमेटी ने प्राथमिक जांच में यह पाया कि पूरे जिले में इस योजना के कुल 18 हजार 853 लाभार्थी हैं, जिनमें से 7230 लाभार्थी ऐसे पाए गए। जिनका कोई आवेदन रिकार्ड संबंधित सीडीपीओ कार्यालय में नहीं पाया गया। इस तरह प्राथमिक जांच में 1 करोड़ से अधिक की राजकोष हानि पहुंचाई गई है।
80 लाख का भुगतान रुकवाया
इस अनियमितता की जानकारी उपनिदेशक कार्यालय को होते ही बिना आवेदन के ही भुगतान के लिए प्रोसेस किए गए फ़र्मो को उपनिदेशक राजेन्द्र कुमार चौधरी ने 26 सितंबर 2019 को ही उच्चाधिकारियों को सूचित कर भुगतान रुकवा दिया। जिससे लगभग 80 लाख रुपए की हानि को बचाया गया। पुलिस में मामला दर्ज इस संबंध में पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया गया है। जांच कमेटी की भी विस्तृत जांच जारी है। संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस भी जांच कर रही है। जल्द ही मामले में अन्य कई खुलासे होंगे।

रिकवरी की कार्रवाई शुरू
अनियमित भुगतान की सूची तैयार हो चुकी है। उपनिदेशक चौधरी ने अपील की है कि जिस किसी का भी इस सूची में नाम है वह वहां पर उपलब्ध खाता संख्या के माध्यम से राशि राजकोष में जमा करवाएं। उन्होंने बताया कि यह निर्देश उन लोगों के लिए है जिनके हार्डकॉपी में भरे हुए आवेदन पत्र सीडीपीओ कार्यालयों में नहीं पाए गए हैं। जिनके आवेदन पत्र सीडीपीओ कार्यालयों में उपलब्ध है, उन व्यक्तियों को कोई भी कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। उनसे किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी।
चौधरी ने कहा कि चूंकि यह राशि अप्रूवल के पश्चात सीधे केन्द्र सरकार से खातों में जमा होती है। अत: गलत अप्रूवल करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी है। लेकिन आमजन से अपील की है कि यदि गलती से भी उनके खातों में राशि आ गई है तो लौटाकर ईमानदारी का परिचय दें।












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