Rajasthan News: सरकारी स्कूल के छात्र का कमाल,सौर ऊर्जा से चलने वाली बना दी साइकिल
Rajasthan News: राजस्थान में अजमेर के 11 वीं क्लास के सरकारी स्कूल के छात्र संदीप ने सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल बना कर कमाल कर दिया।
सरकारी स्कूल के छात्र ने कबाड़ ई-साइकिल बना दी, यह साइकिल एक बार में चार्ज होकर 40 से 50 किमी तक चलती है।

अजमेर निवासी 11 वीं कक्षा के छात्र संदीप बताते हैं कि एक बार सूरज की रोशनी से बैटरी फुल चार्ज होने के बाद 40 से 50 किलोमीटर साइकिल बिना पैडल मारे चला सकते हैं।
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इस ई साइकिल को बनाने के लिए 4 महीने का समय लगा है। इस साइकिल से स्कूल से घर आने जाने मैं संदीप को काफी राहत मिलती है।
राजस्थान यह वो प्रदेश है जहां सोने की तो खजाना है ही सही लेकिन प्रतिभाओं का अकूत खजाना है। ऐसी प्रतिभाएं जिन्हे देखकर आप दांतों तले अंगूली दबाने को मजबूर हो जाए।
आज एक ऐसी ही प्रतिभा से रूबरू करवाएंगे जिसने सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल बना इतिहास रच दिया। राजस्थान के अजमेर में एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र ने कबाड़ से सोलर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल बना कर कमाल कर दिया।
11वीं क्लास में पढ़ने वाले छात्र संदीप ने जुगाड़ और ई-वेस्ट की मदद से सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल बनाई है। जिसकी चारों तरफ तारीफ़ हो रही है।
संदीप ने जुगाड़ और ई वेस्ट की मदद से सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल बना दी, यह साइकिल एक बार सूरज की किरणों से चार्ज होकर करीब 40 किलोमीटर तक प्रतिदिन चलती है।
संदीप ने बातचीत के दौरान बताया कि पिछले 6 महीने में संदीप अपनी पढ़ाई के साथ-साथ साइकिल बनाने में भी समय दिया करता था।
संदीप ने बताया कि सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल बनाने के लिए एक पुरानी साइकिल, पुरानी बैटरी, सेंसर और सोलर बेनर लगाया है।
बैटरी से मोटर चलती है सेंसर से सूर्य से आने वाली रोशनी को बढ़ाने का काम करती है, जिससे सेंसर से आने वाले 5 वोल्ट बढ़कर 10 वोल्ट का हो जाएगा इस प्रक्रिया से बैटरी फुल चार्ज हो जाएगी।
संदीप ने बताया कि एक बार सूर्य की रोशनी से बैटरी फुल चार्ज होने के बाद 40 से 50 किलोमीटर साइकिल बिना पैडल मारे चला सकते हैं. इस साइकिल से स्कूल से घर आने जाने मैं संदीप को मदद मिलती है।
चोपड़ा स्कूल के प्राचार्य शंभू सिंह लांबा ने बताया कि, संदीप होनहार छात्र है। प्राचार्य ने कहा कि संदीप को विज्ञान विषय दिलाने के लिए कहा गया, मगर संदीप ने आर्ट विषय लिया। पहले संदीप स्कूल में छोटे-छोटे मॉडल बनाया करता था। इस बार कबाड़ समझकर जिस साइकिल को फेंक दि थी उस साइकिल में संदीप ने जान फूंक दी है।












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