रूस-यूक्रेन युद्ध : झुंझुनूं के छात्रों ने बयां किया आंखों देखा हाल, जंग के हालत जान परिजनों कांपी रूह
झुंझुनूं, 25 फरवरी। रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग के चलते फंसे भारतीयों की सकुशल वतन वापसी के प्रयास तेज हो गए हैं। राजस्थान के करीब 3 हजार स्टूडेंट यूक्रेन में फंसे हुए हैं। झुंझुनूं के स्टूडेंट अर्जुन और प्रकृति की यूक्रेन से आने की टिकट कंफर्म हो गई थी, लेकिन एनवक्त पर फ्लाइट रद्द होने से उन्हें वापस यूक्रेन में ही रुकना पड़ा।

अब हर पल परिजनों को अपनो की चिंता सता रही है। दिनभर परिजन टीवी के जरिए वहां के हालात की जानकारी ले रहे है। टीवी पर आ रहा है की रूस की सेना वहां घुस गई है। इसी प्रकार की चिंता में डूबा है झुंझुनूं का एक परिवार।
अर्जुन के दादा फूलचंद ढेवा ने बताया कि अर्जुन चार साल से यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहा है। कुछ दिनों पूर्व तक शांति होने से कोई चिंता की बात नहीं थी। लेकिन अब यूक्रेन पर हमला होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह सभी भारतीयों को जल्द से जल्द अपने देश लेकर आए।
ढेवा की दोहिती बड़ागांव निवासी प्रकृति भालोठिया पुत्री अनिल भालोठिया भी पिछले साढ़े तीन महीने से यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उसकी भी गुरुवार को फ्लाइट से आने की टिकट कंफर्म हो गई थी। लेकिन वह भी नहीं आ सकी। इधर, अर्जुन ढेवा व प्रकृति भालोठिया को भारत लाने के लिए सांसद नरेंद्र कुमार ने विदेश मंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में दोनों की वहां से सकुशल वापसी की बात लिखी है।
परसादाराम की ढाणी का विकास भी फंसा
चिड़ावा पंचायत समिति के ओजटू के परसादाराम की ढाणी निवासी विकास कुमार यूक्रेन में फंस गया है। विकास ने बताया करीब चार माह पहले रोजगार के सिलसिले यूक्रेन गया था। जहां कुछ दिनों से लगातार हालात खराब होते जा रहे थे। गुरुवार को हालात ज्यादा खराब हो गए। विकास ने बताया कि दोपहर में रूस ने सेंटर बाजार में झंडा फहरा दिया। जिसका विद्रोह भी होने लगा।
रह-रहकर गोला बारी से हालात अफरा-तफरी के बन चुके हैं। विकास ने बताया कि वह गेस्ट हाउस में फंसा हुआ था। बाजार के एटीएम के बाहर लोगों की कतारें लगी हैं। लोग यूक्रेन के गांव में जाकर खुद की हिफाजत कर रहे हैं। वह भी यूक्रेन के लीओ शहर में जा रहा है। क्योंकि लीओ में भारत सरकार का कार्यालय है। जहां लोग शरण ले रहे हैं। विकास ने बताया कि फ्लाइट बंद होने के कारण परेशानी बढ़ती जा रही है।
झुंझुनूं शहर के बाकरा फाटक के पास रहने वाले अर्जुन ढेवा की मां रश्मि हर किसी से अपने बेटे और ननद की बेटी प्रकृति की सकुशल सलामती की गुहार लगा रही है। मां रश्मि ने बताया कि अर्जुन और प्रकृति कल फ्लाइट से यूक्रेन से भारत आने वाला था। लेकिन एनवक्त पर फ्लाइट रद्द होने के कारण उसे भारतीय दूतावास में रुकना पड़ा। कल सुबह से लगातार वह उससे हालचाल पूछने की कोशिश कर रही है। मगर कभी बात हो पाती है कभी नहीं। ऐसे में परिजनों की चिंता और बढ़ी हुई है।












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