इंडियन आर्मी जवान दो राजपूत दूल्हों ने ठुकराया दहेज, देवेंद्र सिंह शेखावत ने 5.51 लाख को छूआ तक नहीं
सीकर, 29 नवंबर। भारतीय सेना के दो फौजी दूल्हों ने दहेज ठुकराया समाज को संदेश दिया है। सीकर के दूल्हे ने तो दहेज में पांच लाख रुपए से भरा थाल लौटाया है। दूल्हे का कहना है कि उसे अपने मेहनत पर भरोसा है। वो दहेज में मिले रुपए के हाथ तक नहीं लगाना चाहता था।

डालमास से गांव फ्रांसा गई थी बारात
हुआ यूं कि सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के गांव डालमास निवासी महेंद्र सिंह शेखावत के बेटे देवेंद्र सिंह शेखावत की बारात चूरू जिले के रतनगढ़ उपखंड के गांव फ्रांसा में गई थी। वहां बजरंग राठौड़ की बेटी सोनू कंवर के साथ देवेंद्र सिंह शेखावत की शादी हुई।

दहेज के रुपयों को छूआ तक नहीं
28 नवंबर को हुई शादी में दुल्हन पक्ष की ओर से दूल्हे को दहेज के रूप में पांच लाख 51 हजार रुपए भेंट करना चाहा, मगर दूल्हे ने पांच लाख रुपए से भरा थाल छूआ तक नहीं और दहेज लेने से इनकार कर दिया। दूल्हे ने कहा कि वो दहेज में रुपए लेने की बजाय अपनी मेहनत से कमाने में विश्वास रखता है।

दूल्हा जालंधर में पोस्टेड
दूल्हे देवेंद्र सिंह के बड़े भाई महिपाल सिंह शेखावत ने वन इंडिया हिंदी से बातचीत में बताया कि उनका भाई भारतीय सेना में है। वर्तमान में जालंधर पोस्टेड है। देवेंद्र हमेशा से ही सामाजिक कुरीतियां के खिलाफ रहा है। शादी में यह साबित भी कर दिया।

2019 में भर्ती हुए सेना में
महिपाल सिंह ने बताया कि उनके पिता निजी कंपनी में काम करते हैं। इनका परिवार दहेज प्रता के खिलाफ है। साल 2019 भारतीय सेना में भर्ती होने वाले भाई देवेंद्र सिंह शेखावत की शादी में हमारे परिवार ने दहेज नहीं लिया।

इस परिवार ने भी पेश की मिसाल
इधर, झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ उपखंड के जाखल गांव में श्रवण सिंह के बेटे भारतीय सेना में जवान छत्रपाल सिंह शेखावत की शादी धीरदेसर बीकानेर निवासी प्रभुसिंह की बेटी मंजू कंवर से 14 नवंबर को हुई। शादी में दहेज लेना तो दूर की बात दुल्हन के सम्पर्ण के गहने भी वर पक्ष द्वारा भेंट किए गए। दूल्हे की माता शिक्षिका चित्राकंवर ने यह सराहनीय पहल की।












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