Rajasthan News: सांसद लुम्बाराम चौधरी की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात,आखिर क्या उठाई मांग ?
Rajasthan News: राजस्थान के जालौर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की है। चौधरी की मंत्री गडकरी से मुलाकात को लेकर कई चर्चाएं हो रही है। जानकारी मिली है कि सांसद ने इलाके की विभिन्न समस्याओं के समाधान करवाने की मांग उठाई है।
जालौर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी ने बुधवार को केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान चौधरी ने कई सड़क निर्माण करवाने की मांग उठाई है साथ ही कई मार्गों को नेशनल हाईवे से जोड़ने की मांग भी उठाई है।
गुलाबगंज से माउंटआबू के लिए 23 किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण, झेरडा मंडार-रेवदर सिरोही राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण करवाने, जालोर जिला मुख्यालय को सिरोही जिला मुख्यालय से नेशनल हाईवे से जोड़ने की मांग की।

सांसद लुंबाराम चौधरी ने बताया कि संसदीय क्षेत्र के सिरोही जिले का मंडार-सिरोही स्टेट हाईवे अतिमहत्त्वपूर्ण है। जो गुजरात प्रदेश के डीसा धानेरा राष्ट्रीय राज्यमार्ग-168ए झेरडा से सिरोही राज्यमार्ग बाया मंडार, रेवदर होते हुए यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-62 से मिल जाता है। इस मार्ग पर मंडार एवं रेवदर दो घनी आबादी वाले शहर है। इन शहरों में आए दिन ट्रैफिक जाम हो जाता है।
रेवदर एवं मंडार शहर के पास बाईपास की आवश्यकता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली अधिसूचना 5 सितम्बर, 2014 के तहत यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-168 में प्रस्तावित है। जिसकी संविदा अवधि अक्टूबर 2022 को समाप्त हो गई है।
झेरडा मंडार-सिरोही का राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण करवाया जाए।राजस्थान के एक मात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंटआबू आने जाने के लिए वर्तमान में एक ही सड़क मार्ग हैं। जो कि आबूरोड से माउंटआबू जाता है। इस पहाड़ी मार्ग पर दुर्घटना होने व बरिश में चट्टानें खिसकने से सड़क पर आवागमन बंद हो जाता है।
माउंटआबू का सड़क सम्पर्क टूट जाता है। आबूरोड से माउण्टआबू सड़क मार्ग पहाडी क्षेत्र होने से सड़क का चौड़ीकरण भी संभव नहीं है। इसकं लिए एक मात्र वैकल्पिक मार्ग माउंटआबू से गुलाबगंज सड़क है, जो आज से 30 वर्ष पूर्व अकाल राहत योजना में ग्रेवल सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित करवाया गया था। जिसकों आज भी देखा जा सकता है। इससे पर्यटकों को आने जाने में सुविधा रहेगी।
लोकसभा क्षेत्र में 10 जिले सिरोही, जालोर, सांचौर से जुड़ा हुआ है तथा यह तीनों जिले आपस में सामरिक महत्व के होने के बाद भी नेशनल हाईवे से जुड़े हुए नहीं है।
इन जिलों में ग्रेनाईट की काफी माइंस होने से यहां से बड़ी तादाद में भारी वाहनों से ग्रेनाईट का परिवहन देशभर में होता है। इसी के साथ इसी सड़क से बाड़मेर से जिप्सम का परिवहन सिरोही व उदयपुर के आस पास की सीमेट फैक्ट्रियों में रोजाना होता है।
सड़क नेशनल हाईवे बनने से सिरोही जिले के एन.एच 62 व जालोर जिला मुख्यालय से गुजरने वाले एन.एच 325 ये जोड़ेगा। सिरोही जालौर सड़क की दूरी मात्र 74 कि.मी. है एवं सिरोही से जालोर तक सड़क मार्ग 02 लेन में बना हुआ हैं।
जालोर सिरोही दोनों जिले धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े होने से यहां पर देशभर से लोग बड़ी तादाद में सुधा माताजी, योगीराज श्री शांतिशूरी जी मंदिर, माण्डौली, 72 जिनालय भीनमाल,आपेश्वर महादेव मंदिर रामसीन् जालोर फोर्ट, जहाज मंदिर माण्डवला, श्री सारणेश्वर महादेव मंदिर सिरोही के साथ साथ अनेक प्राचीन धार्मिक स्थलों पर आते जाते है। जालोर जिला मुख्यालय और सिरोही जिला मुख्यालय को नेशनल हाईवे से जोड़ने की मांग रखी है।












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