राजस्थान हुआ फ्राई! कौन से शहर में तापमान पहुंचा 49.4 डिग्री सेल्सियस, कब होगी प्री मानसून बारिश?
Rajasthan Heatwave 2025: उत्तर भारत में गर्मी चरम पर है। राजस्थान के लिए तो शुक्रवार का दिन सचमुच फ्राई-डे साबित हुआ है। आसमान से अंगारे बरसते महसूस हुए। राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 49.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बीते 91 सालों में दूसरा सबसे अधिक तापमान है।
राजस्थान में 13 जून 2025 को श्रीगंगानगर में 49.4 डिग्री के अलावा चूरू में 47.6, जैसलमेर में 46.9, बीकानेर में 46.4, बाड़मेर में 46.2, जोधपुर में 46.3 और फलोदी में 46.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

राजस्थान के सात शहरों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, मगर प्रदेश का कोना-कोना गर्मी से बेहाल है। इंसान ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी तेज लू और बढ़ते तापमान से त्रस्त हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है।
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Sriganganagar at 49.4 Degree Celsius: श्रीगंगानगर में दूसरा सबसे गर्म दिन
राजस्थान मौसम विभाग के अनुसार श्रीगंगानगर में अब तक का सबसे अधिक तापमान 50 डिग्री सेल्सियस 14 जून 1934 को दर्ज किया गया था, जो आज भी रिकॉर्ड के तौर पर कायम है। शुक्रवार 13 जून को 49.4 डिग्री तापमान के साथ श्रीगंगानगर का यह दिन इतिहास में दूसरा सबसे गर्म दिन बन गया।
श्रीगंगानगर: एक झुलसता हुआ इतिहास
राजस्थान के श्रीगंगानगर, चूरू और फलोदी जैसी जगहें देश की सबसे गर्म जगहों में गिनी जाती हैं। श्रीगंगानगर नहरी क्षेत्र में होने के बावजूद यहां तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले साल 2019 में यहां 49 डिग्री और 2018 में 49.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हो चुका है। यहां अत्यधिक गर्मी पड़ने का एक प्रमुख कारण है-पश्चिमी रेगिस्तान से सीधे आने वाली गर्म हवाएं।
राजस्थान में राहत कब मिलेगी?
मौसम विभाग जयपुर केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, 14 जून के बाद पूर्वी हवाएं सक्रिय हो सकती हैं, जिससे प्रदेश के कोटा, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है।
राजस्थान में प्री-मानसून कब दस्तक देगा?
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण भारत के केरल और पश्चिमी तट के मुंबई में मानसून 2025 पहुंच चुका है। इसके आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून महीने के अंत तक मानसून राजस्थान में दस्तक दे सकता है। राजस्थान में प्री-मानसून बारिश अगले सात से दस दिनों में देखने को मिल सकती है, लेकिन इससे पहले जरूरी है कि भीषण लू का प्रभाव कमजोर हो। तभी मानसून सक्रिय हो पाएगा और लोगों को असली राहत मिलेगी।












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