Rajasthan Power Crisis: क्या राजस्थान में जल्द गहराएगा बिजली संकट? जानिए वजह
Power Crisis Rajasthan: राजस्थान में बिजली पैदा करने वाले कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट से चिंता बढ़ाने वाली खबर है। यहां पर कोयला संकट गहराता जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजस्थान में बिजली संकट गहरा सकता है।
राजस्थान को बिजली संकट से बचाने के लिए राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय और केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर सहयोग की जरूरत जताई है।

खबर है कि छत्तीसगढ़ में आवंटित खदान से खनन में एक बार फिर अड़ंगा लगने से परेशानी और बढ़ गई है।
23 यूनिट में से दस में केवल एक दिन का कोयला बचा है। इनसे हर दिन 2500 मेगावाट बिजली मिल रही है। बाकी यूनिट में भी 2 से 4 दिन के कोयले का स्टॉक है।
अभी कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट के लिए हर दिन 28000 मीट्रिक टन कोयले की कमी है। एक दिन भी कोयला सप्लाई रुकी तो यूनिट से उत्पादन ठप हो जाएगा। अतिरिक्त कोयला के लिए कोल इंडिया कंपनी को कहा गया है।
राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के अनुसार केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी कहते हैं कि कोल इंडिया से हर दिन 11.33 रैक सप्लाई का अनुबंद है, लेकिन छत्तीसगढ़ स्थित खदान से खनन नहीं होने के कारण यहां से औसतन 16 रैक मिल रही है। हर दिन 21 रैक की जरूरत है।
वहीं, छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव सहाय कहते हैं कि परसा इस्ट कांता में खनन के लिए अतिरिक्त खदान दी गई है। 91 हेक्टेयर में से 70 हेक्टेयर में पेड़ों की कटाई हो चुकी है। इसमें से अभी केवल 26 हेक्टेयर जमीन ही दी गई है। यहां खनन शुरू नहीं हो पा रहा है। कुछ स्थानीय एनजीओ का विरोध है। जल्द से जल्द खनन शुरू कराने की जरूरत। यहां से हर वर्ष 15 मिलियन टन कोयला मिलने की राह खुलेगी।
कितने दिन का स्टॉक
- सूरतगढ़ सुपरक्रिटिकल: 4 दिन
- कोटा थर्मल: 2 दिन
- छबड़ा सुपरक्रिटिकल: 4 दिन
- छबड़ा पावर प्लांट: 1 दिन
- सूरतगढ़ प्लांट: 1 दिन
- कालीसिंध प्लांट: 3 दिन












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