Rajasthan Cough Syrup Deaths: सरकारी अस्पताल में मिला कफ सिरप बना काल, 9 मासूमों की हुई मौत
Rajasthan Cough Syrup Deaths: राजस्थान के सरकारी अस्पताल में कफ सिरप बच्चों के लिए जहर साबित हुआ। सीकर और भरतपुर के सरकारी अस्पतालों में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत मुफ्त में कफ सिरप बांटी गई थी। जेनरिक खांसी की दवाओं के सेवन की वजह से बच्चों की मौत हुई है। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा कि मामले का संज्ञान लिया है और जयपुर पहुंचकर इस पर कार्रवाई करेंगे। कफ सिरप पीने की वजह से छिंदवाड़ा में भी 6 बच्चों की जान गई है।
सीकर और भरतपुर के सरकारी अस्पतालों में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत सप्लाई की गई एक जेनेरिक खांसी की दवाई मौत का सामान बन गई। पीने के बाद 9 बच्चों की मौत हो गई है। सरकार ने इस घटना पर दुख जाहिर किया है और जांच का भरोसा दिया है।

ड्रग कंट्रोलर के पास भेजी गई Cough Syrup
इस घटना के बाद ड्रग कंट्रोलर ने सिरप के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी है। आगे की जांच के लिए इसको लैब में भेजा गया है। इन मौतों के अलावा कई अन्य जगहों पर इस तरह के सिरप को पीने के बाद कुछ बच्चे बीमार हो गए थे।एक बार फिर कफ सिरप की क्वालिटी संदेह के घेरे में है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में भी छह बच्चों की मौत कफ सीरप के इस्तेमाल की वजह से मौत हो गई है। राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए 3 सदस्यों की समिति गठित की है।
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डेक्स्ट्रोमेथॉरफन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। बताया जा रहा है कि अस्पताल के डॉक्टर ने भी एक बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर कफ सिरप पीया था और उनकी भी तबीयत बिगड़ गई है। खांसी की यह दवा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर फ्री में बांटी गई थी। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का आलम बताया है। पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की गई है।
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