Rajasthan News: आरएसएस कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोपी के अवैध घर पर चला बुलडोजर, मंदिर परिसर में निर्माण ध्वस्त
Rajasthan News: जयपुर के करणी विहार इलाके में गुरुवार रात आरएसएस कार्यकर्ताओं पर चाकूबाजी की घटना के बाद जिला प्रशासन ने घटना में शामिल आरोपी पिता-पुत्र के अवैध कब्जे वाले मकान को ध्वस्त कर दिया है। कथित तौर पर मंदिर परिसर के अंदर एक आवासीय घर बनाया गया था। अवैध कब्जे को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।
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इस मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुंवर राष्ट्रदीप ने कहा कि शरद पूर्णिमा की रात एक मंदिर में जागरण और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चल रहा था। मंदिर के बगल में नसीब चौधरी नाम के व्यक्ति का परिवार रहता है। उसका क्राइम रिकॉर्ड भी है। वह और उसका बेटा मंदिर में आए और कुछ लोगों को चाकू मार दिया। दोनों को कल रात गिरफ्तार कर लिया गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।

आपको बता दें कि जयपुर के करणी विहार इलाके की रजनी विहार कॉलोनी में गुरुवार रात 9:45 बजे हुई चाकूबाजी की घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई इस हिंसक झड़प के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जगदंबा नगर शाखा के कार्यकर्ता शरद पूर्णिमा के अवसर पर खीर वितरण कार्यक्रम के लिए एक मंदिर में एकत्रित हुए थे। इसी दौरान नसीब सिंह चौधरी ने अपने बेटे भीष्म और पत्नी निर्मला के साथ मिलकर खीर का पान गिराकर सभा में व्यवधान डाला। जिससे विवाद बढ़ा और झगड़ा हिंसक रूप ले लिया। इस झड़प में आठ लोग घायल हो गए। जिनमें कई को गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस ने हमले के आरोप में नसीब सिंह चौधरी उनके बेटे भीष्म और पत्नी निर्मला को गिरफ्तार कर लिया और उनकी तीन गाड़ियां भी जब्त की हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और घायलों का हालचाल
हमले के बाद पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सहित कई नेताओं ने एसएमएस अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। प्रताप सिंह खाचरियावास ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि भाजपा के सत्ता में आने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आरएसएस कार्यकर्ताओं को ही ऐसी हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण चतुर्वेदी, केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, विधायक गोपाल शर्मा और रणजीत सिंह सोडाला भी मौजूद थे। जिन्होंने इस घटना की निंदा की और हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
नसीब पहलवान का आपराधिक इतिहास
हमले के मुख्य आरोपी नसीब सिंह चौधरी। जिसे नसीब पहलवान के नाम से भी जाना जाता है। उसका आपराधिक इतिहास रहा है। वह 2002 में सोडाला में होटल मालिक बृज किशोर हेड़ा की हत्या के मामले में जेल जा चुका है और उसके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब विभिन्न थानों से नसीब के आपराधिक रिकॉर्ड को एकत्र कर मामले की तफ्तीश में जुटी है।
घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन
इस हिंसक घटना के बाद आरएसएस कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार शाम को मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए लोगों ने एक समर्थन रैली निकाली। जिसमें मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी शामिल हुए। इस रैली के जरिए आरएसएस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।












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