अंधविश्वासः बच्ची को मारा लकवा तो पहले पिता ने उसे दागा फिर कहा कि देवता कहेंगे तभी होगा इलाज
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 साल की बच्ची को लकवा मार दिया लेकिन उसका पिता उपचार कराने के लिए तैयार नहीं है। मामले की सूचना जब आरसीएचओ डॉ. सीपी गोस्वामी को मिली तो वो बच्ची के गांव पहुंचे। बच्ची की हालत को देखकर वो हैरान रह गए। बच्ची तो प्लास्टिक के कट्टे पर लेटाया गया था। वहीं उसके शरीर पर जगह-जगह फोड़े हो गए और घावों पर मिट्टी लगाई हुई थी।

मामले की जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी
बच्ची के घाव में कीड़े पड़ गए थे। उन्होंने बच्ची के पिता से उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराने के लिए कहा तो उसने पहले हां की लेकिन बाद में मना कर दिया। यह पूरा मामला भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र के कोदिया गांव का है। जब बच्ची के पति ने इलाज कराने से मना कर दिया तो उससे लिखित में कागज लिया गया। बच्ची के पिता ने लिखा कि मेरे घर डॉक्टर आए उन्होंने बच्ची के इलाज के लिए भर्ती कराने को कहा। इसके कोटड़ी से एक टीम एंबुलेंस लेकर आई।

पिता ने कहा कि देवता से पूछ कर इलाज करवाऊंगा
साथ ही उसने यह भी लिखा कि उन्होंने बच्ची को हॉस्पिटल ले चलने के लिए कहा लेकिन मेरे कुछ देवता और खेती में परेशानी होने के कारण मैं बच्ची को अभी नहीं ले जा सकता। मैं 5 से 6 दिन के बाद बच्ची को ले चलूंगा। मेरी बच्ची का इलाज करवाना है उसके लिए मैं देवता से पूछूंगा। यदि देवता मुझे इलाज के लिए बोल देंगे तो मैं बच्ची को इलाज के लिए ले जाऊंगा। यदि इन दिनों में मेरी बच्ची को कुछ भी होता है तो इसका जिम्मेदार मैं हूं।

पिता से लिखित में अधिकारी ने लिया कागज
डॉ. गोस्वामी ने बताया कि सूचना मिलने पर वे मंगलवार को दोपहर दो बजे गांव में रतनभील के घर पर पहुंचे। बच्ची के बारे में झातला माता मंदिर से पता चला। पैरालिसिस की जानकारी होने पर नियमानुसार चिकित्सा टीम को जांच करनी होती है। बच्ची की दयनीय स्थिति पर पिता से बात की तो वो पहले बच्ची को हॉस्पिटल में भर्ती करने को तैयार हुआ लेकिन जब मेडिकल टीम भेजी तो मना कर दिया।












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