Rajasthan: डेढ़ माह में ही वेंटीलेटर पर आ गई भजन लाल शर्मा सरकार, रुपयों का संकट बना चुनौती
Rajasthan Bhajanlal Sharma government: राजस्थान में भाजपा के भजन लाल शर्मा सरकार बने महज डेढ़ ही हुआ है कि अभी सरकार नगरीय निकायों के लिए वेंटीलेटर पर आ गई है।
शहरी निकायों के कामकाज के लिए राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार का खजाना खाली हो गया है। इसकी एक बानगी वित्त विभाग का वो आदेश है, जिसमें निकायों को कहा गया है कि इमरजेंसी काम भी अपने खर्च पर करने हैं।

राजस्थान सरकार के वित्त विभाग का आंतरिक आदेश कहता है कि नगरीय निकायों में को इमरजेंसी काम भी करने हैं तो उसके लिए फंड की व्यवस्था उन्हें ही करनी होगी।
आदेश का मतलब यह है कि भजनलाल शर्मा सरकार के सामने वित्तीय संकट खड़ा हो गया। तीन माह बाद लोकसभा चुनाव 2024 होने हैं। ऐसे में वित्तीय संकट भजन लाल शर्मा सरकार के लिए नई चुनौती बन गया है।
खबर है कि वित्त विभाग के अफसरों ने राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग से जो अनुदान मिला था, उन्हें दूसरे मदों में खर्च कर डाला। ऐसे में अब विकास कार्यों के लिए फंड की कमी हो रही है।
यह भी पढ़ें- Namo Drone Didi: मिलिए राजस्थान की 'ड्रोन दीदी' सुरेखा से, रोजाना कमा रही 2500 रुपए
अमर उजाला की एक रिपोर्ट के अनुसार राजसथान वित्त आयोग का वित्त वर्ष 2022-23 का 600 करोड़ और वित्त वर्ष 2023-24 का 2800 करोड़ रुपए बकाया है। मनरेगा में सामग्री के भुगतान के लिए वित्त वर्ष
राजस्थान सरपंच संघ अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल कहते हैं कि 15वें वित्त आयोग की 1350 करोड़ रुपये की ग्रांट वित्त विभाग को मिल है। इसके बाद भी ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए राशि नहीं मिली है। कई बार सरकार को ज्ञापन भी दिए हैं, मगर कोई समाधान नहीं हुआ है।
वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ कहते हैं कि अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान में मुफ्त की रेवड़ियां बांटी। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में अपनी वैतरणी पार लगाने के प्रयास किए। नतीजा यह रहा कि राज्य में आज वित्तीय सेहत गड़बड़ा गई है। इसके बावजूद भजनलाल शर्मा सरकार जनकल्याण के कोई काम नहीं रुकने देगी।












Click it and Unblock the Notifications