Namo Drone Didi: मिलिए राजस्थान की 'ड्रोन दीदी' सुरेखा से, रोजाना कमा रही 2500 रुपए
Surekha nano Drone Didi Rajasthan: ये हैं सुरेखा। अब लोग इन्हें ड्रोन दीदी के नाम से भी जानते हैं। ऐसी पहचान बनाने वालीं सुरेखा अकेली नहीं बल्कि राजस्थान की 20 बेटियां हैं।
दरअसल, केंद्र सरकार ने खेतों के कामकाज में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना शुरू कर रखी है, जिसके तहत देशभर की 300 महिलाओं ने ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग ले रखी है।

ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण लेने वाली 27 साल की सुरेखा अजमेर के गांव गनाहेड़ा की रहने वाली है। इसके साथ ही झुंझुनूं जिले के गांव पबाना की उर्मिला समेत 20 महिलाओं ने भी ट्रेनिंग ली है।
सुरेखा कहती हैं कि पहली बार ड्रोन उड़ाया तो डर लगा कि कहीं ये नीचे गिरकर नुकसान नहीं हो जाए, मगर अब लगता है जैसे खेत में प्लेन उड़ा रही हूं। गांव में कोई पायलट तो कोई ड्रोन दीदी कहकर बुलाता है। नई पहचान पाकर खुश हूं।
बता दें कि नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर को-ऑपरेटिव (इफको) ने महिलाओं को ड्रोन उड़ाना सिखाया है। इनको मानेसर, ग्वालियर और प्रयागराज में 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई है। इसके बाद इफको ने कुछ महिलाओं को ड्रोन व इसके परिवहन के लिए ई-ऑटो भी दिए हैं।
इफको राजस्थान के मार्केटिंग मैनेजर सुधीर मान ने बताया कि ड्रोन खेतों में नैना यूरिया व दवा छिड़कने के काम आ रहे हैं। इसके लिए महिलााएं प्रति बीघा 150 रुपए ले रही हैं। ऐसे में रोजाना 2500 रुपए तक की कमाई कर पा रही हैं।
सुधीर मान के अनुसार बारां, अजमेर, झुंझुनूं, कोटा, नागौर, भरतपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, दौसा, हनुमानगढ़, करौली, जोधपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद और श्रीगंगानगर की महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई है।
दैनिक भास्कर में छपी एक खबर के अनुसार सीनियर मैनेजर डॉ. एपी सिंह ने बताया कि नमो ड्रोन दीदी योजना का राजस्थान में अजमेर से आगाज किया है। ड्रोन के साथ 4 बैटरी भी दी गई हैं।












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