प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आएंगे राजस्थान, रेगिस्तान के धोरों में बनेंगे 'भारत शक्ति' का गवाह

Narendra Modi In Rajasthan: राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेर जिले में आज तीनों सेनाओं का अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत शक्ति को खुद देखेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान के एक बार फिर जैसलमेर आ रहे हैं। पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में आज से शुरू हो रहे भारत शक्ति युद्धाभ्यास को देखेंगे और जवानों में जोश भरेंगे।

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जैसलमेर के फायरिंग रेंज पोकरण में हो रहे इस युद्धाभ्यास में आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखाई देगी। पोकरण में भारतीय थल-जल और वायु सेना लगभग 50 मिनट तक युद्धाभ्यास करके मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत निर्मित हथियारों का प्रदर्शन करेंगी।

पीएम मोदी तीनों सेनाओं की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन देख जवानों का हौंसला बढ़ाएंगे।

आपकों बता दें कि तीनों सेनाओं के लाइव फायर और युद्धाभ्यास के रूप में स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के समन्वित प्रदर्शन को 'भारत शक्ति' नाम दिया गया है।

युद्धाभ्यास में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के अलावा तीनों सेना के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे, पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे के चलते सरहदी इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था चौकस की गई है।

पीएम नरेंद्र मोदी दोपहर बाद राजस्थान के पोकरण में तीनों सेना के युद्धाभ्यास को देखेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी जैसलमेर को रेलवे के क्षेत्र भी आज कई सौगातें देंगे।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी देश के पश्चिमी राजस्थान के लोगों के साथ संवाद करेंगे। जिसमें भाजपा नेता,पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जैसलमेर-पोकरण विधानसभा से करीब 1 हजार लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे।

सैन्य के जानकार सूत्रों ने बताया कि इस 'भारत शक्ति' युद्धाभ्यास में तीनों सेनाएं भारत में निर्मित हथियारों की ताकत का प्रदर्शन करेंगी। भारतीय सेना की ताकत को देखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी खुद आ रहे हैं।

जैसलमेर जिले में एशिया की सबसे बड़ी फील्ड फायरिंग रेंज है, जहां भारत की तीनों सेनाएं सबसे बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही है।

इस युद्धाभ्यास में सिर्फ स्वदेशी तरीके से विकसित किए गए वेपन प्लेटफॉर्म यानी हथियार और सिस्टम को शामिल किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक इस युद्धाभ्यास में भारत में तैयार डिफेंस प्लेटफॉर्म और नेटवर्क आधारित सिस्टम को टेस्ट किया जाएगा, इस युद्धाभ्यास से स्वदेशी हथियारों की ताकत के बारे में भी पता चलेगा।

इस युद्धाभ्यास में स्वदेशी कम्युनिकेशन और नेटवर्क की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि क्या दुश्मन देश युद्ध के हालात में उन्हें हैक कर सकता है या नहीं।

बता दें कि भारतीय थल सेना सौ फीसदी स्वदेशी बन चुकी है. भारत सरकार अब भारतीय नौसेना और वायुसेना को भी स्वदेशी बनाने पर जोर दे रही है। केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि पनडुब्बी निर्माण और एयरक्राफ्ट इंजन मैन्युफैक्चरिंग में भी स्वदेशी तकनीकी का इस्तेमाल किया जाए।

वर्तमान में सरकार को एयरक्राफ्ट इंजन या फिर कुछ सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन आने वाले सालों में देश इस दिशा में आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहा है।

'भारत शक्ति युद्धाभ्यास में तेजस लड़ाकू विमान के-9 आर्टिलरी गन स्वदेशी ड्रोन पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर और कम दूरी की मिसाइलों की ताकत देखने को मिलेगी। देश के पश्चिमी छोर पर प्रधानमंत्री का ये दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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