जयपुर में Pooja SIngh ने 'भगवान' तो उदयपुर में तान्या ने पेड़ से की शादी, जानिए ऐसे दूल्हा चुनने की असली वजह
जयपुर के गोविंदगढ़ पंचायत समिति के गांव नरसिंहपुरा में पूजा सिंह शेखावत ने मंदिर में ठाकुरजी से शादी रचाई है। वो भी पूरे रीति रिवाज से। भगवान से शादी में बारात, सात फेरे, वरमाला व विदाई आदि की भी सारी रस्में निभाई गई है

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Pooja Singh Marriage with LLord in Jaipur Rajasthan : राजस्थान में इन दिनों 2 युवतियों की शादी चर्चा में है। एक पूजा सिंह शेखावत और दूसरी तान्या। 30 वर्षीय पूजा सिंह राजस्थान में ही पली बढ़ी और एमए तक की पढ़ाई की। जबकि 28 वर्षीय तान्या कारकोवा रूस से है। वह भारत में घूमने आई और उदयपुर में पूरे विधि विधान से खेजड़ी के पेड़ से शादी की है। सप्ताहभर पहले इन दोनों युवतियों ने अनूठे तरीके से शादी करने की अपनी-अपनी वजह भी शेयर की हैं।

पूजा सिंह शेखावत गोविंदगढ़ जयपुर राजस्थान
सबसे पहले जानिए ठाकुरजी से शादी करने वाली पूजा सिंह शेखावत के बारे में। फिर चर्चा रशियन गर्ल तान्या की। राजस्थान के जयपुर जिले के गोविंदगढ़ इलाके की पूजा सिंह शेखावत ने राजनीति विज्ञान से एमए किया है। बचपन से ही भगवान की भक्ति में लीन रही है और पूरी तरह भगवान को ही पति के रूप में स्वीकार किया है। वो पूरे परिवार, रिश्तेदार और समाज के सामने। शादी की सारी रस्में निभाते हुए। हालांकि यह बात अलग है कि पूजा सिंह के पिता प्रेमसिंह ने बेटी के रिश्ते को नहीं स्वीकारा और वे 8 दिसम्बर को हुई इस शादी में भी शामिल नहीं हुए।

शादी नहीं होने पर लोग मारते थे ताने
मीडिया से बातचीत में पूजा सिंह शेखावत ने बताया कि वह तीन भाइयों से बड़ी हैं। उम्र शादी के लायक हुई तो परिजनों ने लड़का देखना शुरू कर दिया था। कई रिश्ते भी आए पर किसी के साथ कोई संजोग नहीं बैठा। वैसे मैं खुद भी किसी लड़के से शादी नहीं करना चाहती थी। अब उम्र बढ़कर 30 साल हो चुके हैं। लोग अविवाहित रहने के कारण ताना मारा करते थे। इसलिए मंदिर में ठाकुरजी से शादी कर ली।

पूजा ने ठाकुरजी से शादी करने की ये वजह बताई
ठाकुरजी से शादी के अपने फैसले पर पूजा कहती हैं कि अक्सर देखा है कि पति पत्नी का रिश्ता छोटी छोटी बातों पर टूट जाते हैं। बचपन से देखती आई थी कि तुलसा का सालिगरामजी (ठाकुरजी) से विवाह करवाया जाता। जब तुलसी की शादी ठाकुरजी से हो सकती है तो मेरी क्यों नहीं? इस फैसले के बारे में पंडित से पूछा तो उन्होंने इस पर सहमति जताई। इसके बाद परिजनों को बताकर शादी की।

पिता नहीं आए शादी में, मां ने निभाईं सारी रस्में
पूजा सिंह के पिता बीएसएफ से रिटायर होने के बाद अब मध्य प्रदेश में सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। वे शादी में नहीं आए। माता पिता की सारी रस्में मां रतन कंवर ने निभाई। मंडप में पिता की जगह तलवार रखकर कन्यादान किया गया। इससे पहले महिला संगीत, मेहंदी, चाक-भात, वरमाला, सात फेरों की रस्में हुई। पूजा ने मंदिर में ठाकुरजी की प्रतिमा को हाथ में लेकर फेरे लिए। खुद ने चंदन की मांग भरी। फिर ठाकुरजी वापस मंदिर में विराजमान हो गए और पूजा अपने मायके आ गए। अपने कमरे में ठाकुरजी का छोटा सा मंदिर बनवाया है। सुबह शाम भक्ति करती है।

तान्या ने इसलिए की खेजड़ी से शादी
इधर, रूस की तान्या कारकोवा ने राजस्थान के उदयपुर के सुरजपोल क्षेत्र में फतेह स्कूल के सामने स्थित खेजड़ी के पेड़ से शादी की है। यह सब तान्या ने कुंडली में विवाह दोष दूर करने के लिए किया है। तान्या को उम्मीद है कि अब उसे अपनी पसंद का दूल्हा जल्द ही मिल जाएगा।

रूस से घूमने आई थी तान्या
दरअसल, नवंबर में तान्या कारकोवा रूस से घूमने के लिए भारत आई थी। आगरा में भ्रमण के दौरान तान्या एक ज्योतिष को अपनी कुंडली दिखाई थी। ज्योतिष ने कुंडली में मंगल दोष बताते हुए इसे दूर करने के लिए किसी पीपल या खेजड़ी के पेड़ से शादी करने का सुझाव दिया। आगरा घूमने के बाद तान्या राजस्थान में झीलों की नगरी उदयपुर आ गई।

उदयपुर में तान्या कारकोवा की खेजड़ी से शादी
उदयपुर में तान्या ने पंडित हेमंत सुखवाल से सम्पर्क किया और उसे आगरा के ज्योतिष की बात बताते हुए खेजड़ी के पेड़ से शादी करवाने के लिए तैयार किया। उदयपुर के सुरजपोल में तान्या के दोस्तों की मौजूदगी में पूरे विधि विधान से उसकी खेजड़ी के पेड़ से विवाह करवाया गया। इस दौरान हवन यज्ञ भी किया।












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