Rajasthan News: ओम बिरला की बेटी अंजलि को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, गूगल और एक्स से हटेगी पोस्ट
Rajasthan News: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी अंजलि बिरला पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लग गई थी। सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर अंजलि को लेकर जमकत टिप्पणियां कर रही थी। सोशल मीडिया यूजर्स लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी अंजलि बिरला यूपीएससी में चयन को लेकर सवाल उठा रहे थे।
इस मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने अंजलि बिरला को बड़ी राहत दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल और एक्स को इस तरह की टिप्पणियां हटाने के निर्देश दिए हैं।

आपको बता दें कि ओम बिरला लगातार दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बने हैं। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूपीएससी में सिलेक्शन को लेकर अंजलि ट्रेंड करने लग गई थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अंजनी को लेकर कई तरह की अनर्गल टिप्पणियां की जा रही थी। कोई यूजर उन्हें मॉडल बता रहा था तो कोई बिना पेपर या इंटरव्यू दिए ही पहले प्रयास में यूपीएससी पास करने और आईएएस अधिकारी बनने पर सवाल उठा रहा था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह भी दावा किया गया कि पिता की प्रभाव की वजह से अंजलि को यह लाभ मिला है। अंजलि ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही टिप्पणियों को लेकर अंजलि बिरला ने दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का दावा किया था।
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस नवीन चावला ने अंजलि बिरला द्वारा दाखिल मानहानि के मुकदमे में अज्ञात पक्षों को कथित मानहानि सामग्री को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पोस्ट करने, प्रसारित करने, संचालित करने, ट्वीट करने या रिट्वीट करने पर रोक लगाई है।
साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी माध्यम गूगल एक्स आदि को 24 घंटे के भीतर आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय से चार हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है।
अंजलि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की छोटी बेटी है। ओम बिरला कोटा से सांसद हैं। अंजलि ने शुरुआती शिक्षा कोटा के ही सोफिया स्कूल से की। इसके बाद दिल्ली में रामजस कॉलेज से डिग्री ली और इसी दौरान यूपीएससी की परीक्षा तैयारी शुरू की।
साल 2019 में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल परीक्षा दी थी। मेंस परीक्षा में अंजलि को 777 और इंटरव्यू में 176 अंक हांसिल किए थे। अंजलि को कल 953 अंक मिले थे।
अंजलि ने यह अंक पहले ही प्रयास में हासिल कर लिए थे। इस आधार पर उन्हें भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा अधिकारी बनाया गया। अंजलि अभी रेल मंत्रालय में कार्यरत हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिना सच जाने ही अंजलि की योग्यता को लेकर कंटेंट वायरल कर दिए गए। यूपीएससी ने 2019 की परीक्षा का परिणाम 4 अगस्त 2020 को जारी किया था। आयोग द्वारा रिजर्व लिस्ट तैयार की जाती है।
यूपीएससी द्वारा जारी रिजर्व लिस्ट में 829 अभ्यर्थियों के नाम थे। जिनमें से 89 को चुना गया था। इसमें अंजलि भी शामिल थी। यूपीएससी की वेबसाइट पर रिजल्ट भी मौजूद है।
आपको बता दें कि इस मामले में महाराष्ट्र साइबर सेल ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर अंजलि के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी की थी।












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