Rajasthan News: राजस्थान में विधानसभा उपचुनाव के बाद भंग हो सकते हैं नए जिले, इन जिलों पर गिरेगी गाज
Rajasthan News: राजस्थान में नए जिलों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। भजन लाल सरकार साफ कर चुकी है कि नए जिलों का रिव्यू किया जाएगा। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में 22 नए जिले गठित किए गए थे। सरकार ने इनमें से तीन जिलों मालपुरा, कुचामन और सुजानगढ़ को रद्द कर दिया है। प्रदेश के अन्य 19 जिलों के रिव्यू के लिए कमेटी गठित की है। अब इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार कुछ जिलों को भंग करने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो राजस्थान में विधानसभा उपचुनाव के बाद कुछ नए जिलों को भंग कर दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने पूरी तरह तैयारी भी कर ली है।
मूल जिलों के राजस्व संबंधी अधिकार बढ़ाए
राज्य सरकार ने पिछले दिनों एक आदेश जारी कर गहलोत सरकार में बनाए गए 17 जिलों में राजस्व से संबंधित सभी काम पुराने मूल जिलों में तैनात कलेक्टर को दे दिए हैं। सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए मूल जिलों में लगे कलेक्टर के पावर को 2025 तक बढ़ा दिया है। प्रदेश के नए जिलों में जो रेवेन्यू कलेक्शन होगा। उसका रिकॉर्ड अलग से रखा जाएगा। यह व्यवस्था 1 सितंबर 2023 से बनाई गई थी। जिसे आगे भी बरकरार रखा जाएगा।

गहलोत सरकार में गठित किए गए थे नए जिले
प्रदेश की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने 5 अगस्त 2023 को नोटिफिकेशन जारी कर 17 नए जिलों को गठन किया था। उस समय नए जिलों में विभागीय सोसाइटियों से संबंधित राजस्व कलेक्शन वर्क सेशन और काम के बदले भुगतान के अधिकार मूल जिला कलेक्टर को ही दिए गए थे। राज्य सरकार ने यह अधिकार 31 मार्च 2024 तक दिए थे। अब भजनलाल सरकार ने आदेश जारी कर इन अधिकारों को 31 मार्च 2025 तक बढ़ाने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने इस बाबत आदेश जारी किए हैं।
विधानसभा उपचुनाव के बाद खत्म हो जाएंगे नए जिले
राजस्थान में जिन नए जिलों का गठन किया गया है। वह जिलों के मापदंड में फिट नहीं बैठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक राजस्व रिकॉर्ड में 10 से 12 जिले सीमांकन और आबादी के मामले में जिला बनने के पैमाने पर खड़ा नहीं उतर रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार उन जिलों को भंग कर सकती है। प्रदेश में फरवरी में सरकार का नया बजट आएगा। इससे पहले कुछ जिले भंग किए जाएंगे। सरकार किन नए जिलों को भांग करेगी। यह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा। राजनीति के जानकारों की मानें तो प्रदेश में हरियाणा विधानसभा चुनाव के साथ 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे। विधानसभा उपचुनाव और बजट के बीच कुछ माह का ही फर्क रह जाएगा। इसी दौरान प्रदेश के 17 नए जिलों में से कुछ जिले भंग कर दिए जाएंगे।
इन 17 शहरों को मिला था जिले का दर्जा
पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में जो 17 नए जिले बनाए गए थे। उसमें डीडवाना, फलोदी, बालोतरा, अनूपगढ़, जोधपुर ग्रामीण, सलूंबर, सांचौर, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुर सिटी, खैरथल, डीडवाना, कोटपूतली, केकड़ी, ब्यावर, जयपुर ग्रामीण और दूदू शामिल है। इसके बाद दूसरे चरण में तीन नए जिले और गठित किए गए थे। जिसमें मालपुरा, कुचामन और सुजानगढ़ शामिल था। भजन लाल सरकार ने इन तीन जिलों को तो रद्द कर दिया है। राज्य सरकार अन्य जिलों का रिव्यू कर रही है।












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