Delhi Water Crisis: इस बार गर्मी में नहीं होगी पानी की किल्लत, रेखा गुप्ता ने बनाया 'वाटर मास्टरप्लान'
Delhi Water Crisis: दिल्ली में सूरज की तपिश बढ़ने के साथ ही पानी की किल्लत ने भी दस्तक दे दी है। इस बार राजधानी में 'जल संकट' से निपटने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद मोर्चा संभाल चुकी हैं। 04 मई को सचिवालय में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में सीएम रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दो-टूक लहजे में चेतावनी दी कि पानी की सप्लाई में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर लोगों की शिकायतों का तुरंत निपटारा नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
सप्लाई इमरजेंसी: दिल्ली के सभी प्लांट्स अब फुल स्पीड पर
दिल्ली सरकार ने इस गर्मी को एक 'सप्लाई इमरजेंसी' और प्रशासनिक परीक्षा के तौर पर लिया है। मुख्यमंत्री ने सोनिया विहार, वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला समेत दिल्ली के सभी प्रमुख वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स को अपनी पूरी क्षमता (Peak Capacity) के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा से आने वाले कच्चे पानी में अमोनिया की समस्या पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि शुद्धिकरण की प्रक्रिया न रुके। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी का एक भी घर प्यासा न रहे।

टैंकरों की फौज और ट्यूबवेल का नया जाल
शहरी और बाहरी कॉलोनियों में पानी की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने संसाधनों का अंबार लगा दिया है। काम करने वाले ट्यूबवेलों की संख्या 5,834 से बढ़ाकर 6,200 कर दी गई है। टैंकरों की संख्या भी 1,210 तक पहुँचा दी गई है, जबकि 100 अतिरिक्त टैंकरों को इमरजेंसी के लिए रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा, दिल्ली भर में पानी सप्लाई के फिक्स्ड पॉइंट्स को 8,700 से बढ़ाकर सीधा 13,000 कर दिया गया है ताकि भीड़भाड़ और छीना-झपटी से बचा जा सके।
इन इलाकों पर खास नजर: माइक्रो प्लानिंग तैयार
संगम विहार, देवली, छतरपुर, तुगलकाबाद और पालम जैसे उन इलाकों की पहचान कर ली गई है जहाँ हर साल भारी किल्लत होती है। अधिकारियों ने बताया कि इन क्षेत्रों के लिए 'माइक्रो प्लानिंग' पूरी हो चुकी है। हर टैंकर का रूट, अफसरों की ड्यूटी का चार्ट और सप्लाई का समय पहले से तय है। किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर (1916 और 1800117118) को सीधे जूनियर इंजीनियरों से जोड़ दिया गया है ताकि शिकायत मिलते ही तुरंत समाधान हो सके।
भविष्य की तैयारी: पाइपलाइन और नए प्लांट्स
सीएम रेखा गुप्ता केवल आज की नहीं, बल्कि कल की भी सोच रही हैं। उन्होंने द्वारका में दूसरे 50 एमजीडी प्लांट और बवाना में रिसाइकिलिंग सुविधा को जल्द चालू करने के आदेश दिए हैं। पिछले एक साल में 172 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइनें बदली गई हैं ताकि लीकेज को रोका जा सके। सरकार की इस पूरी मशक्कत का मकसद केवल एक ही है-दिल्ली की प्यास बुझाना और जनता को ड्राई टैप्स (सूखे नलों) के डर से आजादी दिलाना।














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