Sukanya Sarma: मां की हूबहू कॉपी हैं सुकन्या! CM हिमंता सरमा की बेटी की तस्वीरें देख लोग बोले- 'कार्बन कॉपी'
Sukanya Sarma: असम में इस बार भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में इस बार के चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है, वो आज दूसरी बार सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं, जिसकी वजह से वो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हैं, लोग उनके घर-परिवार के बारे में बातें कर रहे हैं इसलिए उनकी बेटी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं।
आपको बता दें कि हिमंता बिस्वा सरमा दो बच्चों के पिता है। उनके बेटे का नाम नंदिल बिस्वा और बेटी का नाम सुकन्या बिसवा सरमा है जो अपनी मम्मी रिनिकी भुइयां की तरह ही काफी सुंदर और प्रतिभाशाली हैं।उनकी कुछ तस्वीरें इस वक्त वायरल हो रही हैं जिन्हें देखकर लोग एक ही बात कह रहे हैं- 'ये तो बिल्कुल अपनी मां की कार्बन कॉपी हैं।'

30 जून 2003 में जन्मी सुकन्या की स्कूलिंग मयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल से हुई है और उनकी दिलचस्पी मीडिया में भी हैं, उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान रिपब्लिक टीवी में एक महीने की इंटर्नशिप भी की थी इसलिए वो पत्रकारिता जगत को बहुत अच्छे से समझती हैं।
CM की बेटी लेकिन लाइमलाइट से दूर
उन्हें भी लोग 'ब्यूटी विद ब्रेन' कहते हैं। उन्होंने 12वीं की परीक्षा में 92.75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे, वो ICSC बोर्ड की छात्रा रही हैं और वो लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं और अपनी पर्सनल लाइफ को काफी प्राइवेट रखती हैं लेकिन जब भी उनकी तस्वीरें सामने आती हैं, वे तेजी से वायरल हो जाती हैं। लोग उनकी सादगी और एलिगेंस की तारीफ करते हैं।

सुकन्या बिसवा सरमा क्यों कहलाती हैं मम्मी की 'कार्बन कॉपी'?
सुकन्या को 'कार्बन कॉपी' कहने के पीछे सबसे बड़ी वजह है उनका लुक और पर्सनालिटी। चेहरे की बनावट, स्माइल, स्टाइल और ग्रेस। इन सभी में उनकी मां रिनिकी भुइयां सरमा से काफी समानता देखने को मिलती है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर लोग अक्सर दोनों की तस्वीरों की तुलना करते नजर आते हैं।
सुकन्या सरमा: प्रोफाइल और शिक्षा एक नजर में
- नाम: सुकन्या सरमा
- पिता: हिमंता बिस्वा सरमा ,मुख्यमंत्री असम
- माता: रिनिकी भुइयां सरमा (व्यवसायी और मीडिया ओनर)
- भाई: नंदिल बिस्वा सरमा
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनकी माँ, रिनिकी भुइयां सरमा, 'प्राइड ईस्ट एंटरटेनमेंट' की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।
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हिमंत बिस्वा सरमा का मजबूत नेतृत्व
हिमंत बिस्वा सरमा ने एक प्रभावी और आक्रामक चुनावी रणनीति अपनाई। उनकी छवि एक निर्णायक और काम करने वाले नेता की बनी, जिसने वोटरों का भरोसा जीता।
कानून-व्यवस्था
राज्य में अपराध और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई को जनता ने सकारात्मक रूप में लिया। यह मॉडल खासकर शहरी और मध्यम वर्ग के बीच लोकप्रिय रहा।

कल्याणकारी योजनाओं का असर
सरकार की योजनाएं जैसे महिलाओं, किसानों और गरीबों के लिए सीधे लाभ (DBT) ने जमीनी स्तर पर बड़ा असर डाला। लाभार्थी वर्ग BJP के साथ मजबूती से जुड़ा।
विपक्ष की कमजोरी और बिखराव
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल एकजुट नहीं दिखे। नेतृत्व की कमी और स्पष्ट रणनीति के अभाव ने BJP को सीधा फायदा पहुंचाया।
हिंदुत्व और क्षेत्रीय मुद्दों का संतुलन
BJP ने जहां एक ओर सांस्कृतिक और पहचान की राजनीति (हिंदुत्व) को साधा, वहीं असमिया अस्मिता, अवैध घुसपैठ जैसे स्थानीय मुद्दों को भी जोर से उठाया।












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