Neeta Kanwar Sarpanch: पाकिस्तान में जन्मी नीता कंवर राजस्थान में कैसे बनीं सरपंच? अब क्यों ज्वाइन की BJP
Neeta kanwar Sarpanch Biography in Hindi: 'साल 1981 में पाकिस्तान में जन्मी। साल 2001 में भारत चली आई। साल 2011 में राजस्थान की बहू बनी। साल 2020 में नटवाड़ा ग्राम पंचायत की सरपंच चुनी गई और अब साल 2024 में भाजपा ज्वाइन कर ली है।' जिंदगानी की यह टाइमलाइन भारत में पाकिस्तान मूल की पहली महिला सरपंच नीता कंवर की है।
जिंदगी में 43 बसंत देख चुकी नीता कंवर दो मुल्कों की आबा-हवा से वाकिफ हैं। इनका बचपन पाकिस्तान के सिंध प्रांत के संघर स्थित रार मऊ में बीता। कॉलेज की पढ़ाई अजमेर से हुई और वर्तमान में ये राजस्थान के टोंक जिले की निवाई तहसील के नटवाड़ा ग्राम पंचायत की सरपंच हैं।

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दो दिन पहले ही नीता कंवर ने टोंक-सवाई माधोपुर सांसद सुखवीर सिंह जोनपुरिया, विधायक रामसहाय वर्मा और जिला प्रमुख सरोज बंसल की मौजूदगी में निवाई पंचायत समिति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
वनइंडिया हिंदी से बातचीत में नीता कंवर ने पाकिस्तान में पैदा होने, सीमा पार चले आने और भाजपा ज्वाइन करने तक की पूरी कहानी बयां की, जिसमें भारत विभाजन का दर्द है। पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं की पीड़ा और राजस्थान में मिला अपनापन है।

पाकिस्तान से पूरी की 12वीं तक की पढ़ाई
नीता कंवर कहती हैं कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सोढ़ा राजपूत परिवार में जन्मी। वहां हैदराबाद के आगा खान स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की। 12वीं में आते-आते इतना तो समझ आ गया था कि पाकिस्तान में रही तो ना बेहतरीन उच्च शिक्षा मिल पाएगी और ना ही राजपूत परिवार में शादी होगी। क्योंकि पाकिस्तान में सिर्फ सोढ़ा राजपूत ही हैं, जो अपने ही समाज में बेटा-बेटी की शादी नहीं सकते।

स्टूडेंट वीजा पर आई, फिर यहीं की बहू बन गई
नीता कंवर साल 2001 में अपने चाचा नखत सिंह सोढ़ा के साथ पाकिस्तान से स्टूडेंट वीजा पर आई थी। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्याल अजमेर के सौफिया कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान परिवार से मिलने एक बार पाकिस्तान जाकर आई। फिर 19 फरवरी 2011 को टोंक जिले के नटवाड़ा निवासी राठौड़ परिवार के पुण्य प्रताप करण से शादी करके यहां की बहू बन गईं।

नीता की शादी में नहीं पहुंचे परिजन
नीता कंवर कहती हैं कि पुण्य प्रताप करण से अरैंज मैरिज हुई। वीजा नहीं मिलने के कारण पाकिस्तान से उसकी शादी में कोई नहीं आया। माता-पिता ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शादी देखी। चाचा डॉ. नखत सिंह सोढ़ा ने कन्यादान किया। नीता की बेटी लक्ष्या सिंह राठौड़ व बेटा केशव कर्ण है। पति बिजनेसमैन हैं।
नीता कंवर राजनीति में कैसे आईं?
नीता कंवर कहती हैं कि उसे राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी, मगर नटवाड़ा ग्राम पंचायत के तीन बार रहे सरपंच ससुर लक्ष्मण करण राठौड़ ने नीता को आगे बढ़ाया। 2019 में भारत की नागरिकता मिलने के बाद साल 2020 में पंचायत चुनाव लड़वाया। पहली बार में ही नीता नटवाड़ा की सरपंच बन गईं।

सरपंच बन करवाए ये काम
कंवरानी नीता कुमारी ने ग्राम पंचायत नटवाड़ा की सरपंच बनकर विकास की गंगा बहा दी। इन्होंने मॉडल तालाब, गोशाला, कौशल विकास पाठ्यक्रम महिला सशक्तिकरण, यात्री विश्राम, बालिका खेल मैदान जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य करवाए हैं। निःशुल्क शिविर नेत्र जांच व मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर भी लगवाए।

सरपंच नीता कंवर ने भाजपा क्यों ज्वाइन की?
नीता कहती हैं कि 'पाकिस्तान में जन्म और भारत में शरण। इस बीच काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुझे जैसी कई अन्य 'नीता' आज भी परेशान हैं। उन सबकी मदद करना चाहती हूं। उनकी आवाज बनकर उनके हक के लिए लड़ना चाहती हूं'
पाकिस्तान से आए हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए भाजपा सरकार CAA समेत कई अच्छे कदम उठा रही है। भाजपा की विदेश नीति और विकास कार्यों से प्रभावित होकर यह पार्टी ज्वाइन की है।












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