SDM Thappad Kand: थप्पड़बाज नेताजी नरेश मीणा का जेल से छूटना आसान नहीं, राजस्थान पुलिस ने बनाया तगड़ा केस
राजस्थान में सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के दौरान टोंक जिले की देवली उनियारा विधानसभा सीट पर थप्पड़ कांड हुआ है। कांग्रेस के बागी व निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने उपखंंड अधिकारी अमित कुमार चौधरी के थप्पड़ जड़ दिया और इसके बाद नरेश मीणा के समर्थकों ने जमकर बवाल काटा है।
एसडीएम थप्पड़ कांड के आरोपी नरेश मीणा की गुरुवार की रात टोंक जिले के नगर फोर्ट पुलिस थाने के हवालात में कटी। शुक्रवार सुबह नरेश मीणा सलाखों के पीछे फर्श पर सोए नजर आए। (फोटो की वनइंडिया हिंदी टीम पुष्टि नहीं करती है) दोपहर को पुलिस ने नरेश मीणा को न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज गया है।
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चुनाव ड्यूटी में उपखंड अधिकारी पर हाथ उठाना नरेश मीणा को भारी पड़ने वाला है। राजस्थान पुलिस ने नरेश मीणा के खिलाफ एसडीएम अमित कुमार चौधरी की शिकायत पर 10 गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तगड़ा केस बनाया है। नरेश मीणा पर मतदान केंद्र पर एसडीएम को थप्पड़ मारने व धमकी देने समेत कई आरोपों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2), धारा 190, 115(2), 121(2), 132, 223(ए), 351(2) और 109(1) के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही साथ ही जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत भी मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की मांग की गई।
इस घटना में करीब 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। दो सरकारी वाहन, सात निजी कारें और करीब 25 बाइकें आग के हवाले कर दी गईं। जवाबी कार्रवाई में 28 जिला पुलिस दल सक्रिय रूप से शामिल लोगों की तलाश कर रहे हैं। नरेश मीणा समेत 60 लोगों को अरेस्ट किया गया।
13 नवंबर को मतदान दिवस पर टोंक जिले के मालपुरा एसडीएम अमित कुमार चौधरी को देवली-उनियारा में सेक्टर मजिस्ट्रेट के पद पर लगाया गया था। इस मामले में टोंक जिला कलेक्टर सौम्या झा ने बताया कि जब देवली-उनियारा उपचुनाव 2024 में समरावता गांव में मतदान बहिष्कार की खबर आई, तो उन्होंने नरेश मीना से छह बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। एडीएम को सीधे उनसे बात करने के लिए भेजने के बावजूद, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
नरेश मीणा ने टोंक जिला कलेक्टर पर बार-बार फोन करने के बावजूद नहीं आने का आरोप लगाया। हालांकि, सौम्या झा ने कहा कि एडीएम पूरे समय मौजूद थे और उन्होंने नरेश मीना की बात सुनी। बाद में थप्पड़ कांड हो गया। उधर, एसडीएम अमित चौधरी पर हमले के बाद आरएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर खराड़ी ने कर्मचारी सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा अधिनियम लापरवाह अधिकारियों या पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खोलेगा।
खरारी ने कहा कि "यह दाग तभी धुलेगा जब अपराधी को सजा मिलेगी।" उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने पर जोर दिया। रेंज आईजी ने बताया कि नरेश मीना इस घटना से पहले कई मामलों में वांछित था। एसडीएम चौधरी को थप्पड़ मारकर अधिकारियों को चुनौती देने के बाद से उसकी अपराध सूची व्यापक रूप से प्रसारित हो गई है।












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