कांग्रेस बगावत कर चुके सचिन पायलट की अगुवाई में चुनाव लड़े तो इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता: मीणा
जयपुर। राजस्थान में नया मंत्रिमंडल गठित किए जाने के बाद भी सत्तारूढ़ कांग्रेस में आपसी कलह नहीं थमी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के खेमे में कुछ विधायक और नेता अभी भी नाखुश हैं।राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नवनियुक्त सलाहकार और निर्दलीय विधायक रामकेश मीणा को नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया, उनसे सवाल किए गए तो उन्होंने सचिन पायलट को निशाने पर ले लिया। रामकेश मीणा बोले कि, "सचिन पायलट ने बगावत कर दी थी। यदि अब भी कांग्रेस उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है तो इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता।" मीणा ने कहा, हम उनकी अगुवाई में क्यों चुनाव लड़ें?"

रामकेश मीणा ने कहा कि, "मैं कांग्रेस आलाकमान से मिलूंगा। हमारी ओर से बताया गया है कि राजस्थान में जो बेहतर होगा, वो किया जाए।" राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के नवनियुक्त सलाहकार और निर्दलीय विधायक रामकेश मीणा से जब निर्दलीय विधायकों को नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, आलाकमान को कैसे सूचित किया गया, इस पर निर्भर करता है कि उन्हें बार-बार बताया गया कि निर्दलीय विधायकों और बसपा के लोगों की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।"
मीणा बोले, "अगर हम उनके (सचिन पायलट) नेतृत्व में किसी चुनाव में जाते हैं, तो ये ठीक नहीं होगा। क्योंकि उन्होंने पहले ही पार्टी को नुकसान पहुंचाकर बगावत कर दी थी। अगर हम उनके नेतृत्व में 2023 के चुनाव लड़ते हैं, तो पार्टी के लिए इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता।"
मंत्रिमंडल में कैसे हुआ मंत्रालयों का बंटवारा?
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने मंत्रिमंडल फेरबदल के अगले ही दिन यानी 22 नवंबर को मंत्रियों में विभागों का बंटवारा कर दिया है। राजस्थान सरकार की नई कैबिनेट बनाने में सोशल इंजीनियरिंग, जातीय व क्षेत्रीय समीकरण बैठाने की तरह अब विभागों के बंटवारे में भी इस बात का खास ध्यान रखा गया है। राजस्थान में मंत्रियों की संख्या 30 है।
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कैबिनेट मंत्री
1. सीएम अशोक गहलोत
विभाग - वित्त, कर, गृह व न्याय, डीओपी, जीएडी, कैबिनेट सचिवालय, एनआरआई, आईटी व संचार, राजस्थान स्टेट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो, डीआईपीआर
2. डॉ. बीडी कल्ला
विभाग - प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, आर्ट, साहित्य, कल्चर व एएसआई
3. शांति धारिवाल
विभाग - लोकल सेल्फ गर्वनमेंट, अरबन डवलपमेंट एंड हाउसिंग, लॉ एंड लीगल अफेयर, संसदीय मामलात
4. परसादी लाल मीणा
विभाग - मेडिकल एंड हैल्थ, ईएसआई
5 . लाल चंद कटारिया
विभाग - कृषि, पशुपालन व मत्सय पालन
6. प्रमोद जैन भाया
विभाग - खान, पेट्रोलियम व गोपालन
7. उदयलाल अंजना
विभाग - सहकारिता
8. प्रताप सिंह खाचरियावास
विभाग - खाद्य आपूर्ति, उपभोक्ता मामलात
9. सालेह मोहम्मद
विभाग - अल्प संख्यक मामलात, वक्फ, कॉलोनाइजेशन
10. हेमाराम चौधरी
विभाग - वन एवं पर्यावरण












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